गोरखपुर में लैंडिंग के दौरान इंडिगो के एयरबस A321 विमान का निचला हिस्सा रनवे से रगड़ खा गया, जिसके बाद विमान को सेवा से हटा दिया गया है। यह एयरलाइन के A321 बेड़े के साथ होने वाली आठवीं टेल-स्ट्राइक घटना है।
- गोरखपुर में लैंडिंग के दौरान इंडिगो के Airbus A321neo का निचला हिस्सा रनवे से टकराया।
- यह इंडिगो के A321 बेड़े के साथ होने वाली कम से कम आठवीं टेल-स्ट्राइक घटना है।
- विमान को सुरक्षा कारणों से फिलहाल ग्राउंडेड कर दिया गया है।
- DGCA ने पहले भी परिचालन और प्रशिक्षण में कमियों के लिए इंडिगो पर जुर्माना लगाया था।
देश की प्रमुख निजी विमानन कंपनी IndiGo के लिए एक और तकनीकी चुनौती सामने आई है। इस सप्ताह की शुरुआत में गोरखपुर में लैंडिंग के दौरान, कंपनी के एक Airbus A321neo विमान का निचला हिस्सा (belly) रनवे से रगड़ खा गया। उद्योग सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद विमान को तुरंत सेवा से हटा दिया गया है और यह फिलहाल ग्राउंडेड है।
यह घटना इंडिगो के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि यह उनके A321 बेड़े के साथ होने वाली कम से कम आठवीं 'टेल-स्ट्राइक' (tail-strike) घटना है। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 2023 से अब तक इंडिगो के विमानों के साथ कम से कम 10 ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश A321 मॉडल के साथ हुई हैं।
तकनीकी कारण और जोखिम
विशेषज्ञों का मानना है कि Airbus A321 अपनी लंबी फ्यूजलेज (fuselage) के कारण 'टेल-स्ट्राइक' के प्रति अधिक संवेदनशील है। विमान का शरीर लंबा होने के कारण, लैंडिंग के दौरान जब नाक ऊपर उठाई जाती है, तो पीछे का हिस्सा जमीन से टकराने का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण एयरबस ने अपने फ्लाइट क्रू ट्रेनिंग मैनुअल में संशोधन किया है, जिसमें A321 के लिए लैंडिंग फ्लेयर (landing flare) की प्रक्रिया को अन्य मॉडलों की तुलना में अलग बताया गया है।
विमान के लंबे ढांचे के कारण लैंडिंग के दौरान टेल-स्ट्राइक का जोखिम काफी बढ़ जाता है, जिसके लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
BozokMedia विश्लेषण: क्या यह परिचालन संबंधी विफलता है?
BozokMedia विश्लेषण से संकेत मिलता है कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि परिचालन संबंधी चूक भी हो सकती है। जनवरी 2024 में, DGCA ने इंडिगो पर ₹30 लाख का जुर्माना लगाया था, क्योंकि ऑडिट में संचालन, प्रशिक्षण और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में 'प्रणालीगत कमियां' पाई गई थीं। बार-बार होने वाली ये घटनाएं सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) पहले भी इस मामले की जांच कर रहा था। सितंबर 2024 में दिल्ली में हुई एक घटना के बाद, AAIB ने सभी इंडिगो A321 टेल-स्ट्राइक घटनाओं की व्यापक जांच शुरू करने का निर्देश दिया था, हालांकि अब तक कोई सार्वजनिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है।
Frequently Asked Questions
1. टेल-स्ट्राइक क्या है?
जब विमान लैंड करते समय अपना पिछला हिस्सा (tail) रनवे से टकरा लेता है, तो उसे टेल-स्ट्राइक कहा जाता है।
2. इंडिगो पर DGCA ने जुर्माना क्यों लगाया था?
DGCA ने प्रशिक्षण और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में खामियां पाए जाने के कारण इंडिगो पर ₹30 लाख का जुर्माना लगाया था।