विशाखापत्तनम में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रिवर्स बायर-सेलर मीट (RBSM) का शानदार समापन हुआ, जिसमें 88 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इस कार्यक्रम ने आंध्र प्रदेश के MSMEs को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • विशाखापत्तनम में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय RBSM का सफल समापन।
  • विदेशी खरीदारों और स्थानीय MSMEs के बीच 88 MoUs पर हुए हस्ताक्षर।
  • 25 देशों के 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने हिस्सा लिया।
  • कृषि, समुद्री उत्पाद, और इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारिक अवसर।

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश MSME विकास निगम (AP MSMEDC) और भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रिवर्स बायर-सेलर मीट (RBSM) का शुक्रवार को विशाखापत्तनम में सफलतापूर्वक समापन हुआ। 'रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग MSME परफॉर्मेंस' (RAMP) योजना के तहत आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विदेशी खरीदारों और स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के बीच कुल 88 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।

19 से 21 अगस्त तक चले इस शिखर सम्मेलन ने वैश्विक व्यापार के नए द्वार खोले हैं। इस कार्यक्रम में 25 विभिन्न देशों से आए 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भाग लिया, जिन्होंने आंध्र प्रदेश के 250 से अधिक MSMEs के साथ आमने-सामने की व्यापारिक बैठकें कीं। यह आयोजन न केवल व्यापारिक सौदों के लिए था, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक मानकों को समझने का एक मंच भी प्रदान करता है।

व्यापारिक विस्तार और प्रमुख क्षेत्र

इस मीट के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें मुख्य रूप से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, मसाले, चावल, समुद्री उत्पाद, कपड़ा, रसायन और इंजीनियरिंग उत्पाद शामिल थे। हालांकि 88 MoUs पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, लेकिन कई अन्य व्यावसायिक चर्चाएं अभी भी बातचीत के विभिन्न चरणों में हैं, जिनमें उत्पाद मूल्यांकन और नमूना अनुमोदन शामिल हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच आंध्र प्रदेश के MSME पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। RAMP योजना के माध्यम से मिलने वाला समर्थन स्थानीय व्यवसायों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का हिस्सा बनने में मदद कर रहा है, जिससे क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी।

यह आयोजन आंध्र प्रदेश के स्थानीय उद्योगों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए, AP MSME विकास निगम के अध्यक्ष तम्मी रेड्डी शिव शंकर राव और FIEO के संयुक्त महानिदेशक के. उन्नीकृष्णन ने उद्यमियों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। विदेशी खरीदारों ने आपूर्ति श्रृंखला में निरंतरता और गुणवत्ता के आधार पर चयनित आपूर्तिकर्ताओं के साथ भविष्य में भी व्यापार जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत सरकार की RAMP योजना का उद्देश्य MSMEs की प्रदर्शन क्षमता को बढ़ाना और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। विशाखापत्तनम जैसे रणनीतिक बंदरगाह शहरों में इस तरह के आयोजन समुद्री व्यापार और निर्यात के लिए एक मजबूत आधार तैयार करते हैं।

Did You Know?: विशाखापत्तनम भारत के प्रमुख बंदरगाह शहरों में से एक है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री लॉजिस्टिक्स के लिए एक आदर्श केंद्र बनाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: RBSM का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को सीधे स्थानीय MSMEs से जोड़ना है ताकि निर्यात के अवसर बढ़ सकें।

प्रश्न 2: इस कार्यक्रम में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया था?
उत्तर: मुख्य रूप से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, समुद्री उत्पाद और इंजीनियरिंग क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।