कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) ने मंगलुरु में 'K-Combinator' कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य तटीय कर्नाटक के उभरते स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच प्रदान करना है। TiE मंगलुरु इस पहल का नेतृत्व करेगा और चयनित स्टार्टअप्स को महत्वपूर्ण अनुदान और मेंटरशिप प्रदान करेगा।
- KDEM ने मंगलुरु में 'K-Combinator' स्टार्टअप त्वरण कार्यक्रम लॉन्च किया।
- TiE मंगलुरु इस पहल के मेजबान और चालक के रूप में कार्य करेगा।
- चयनित स्टार्टअप्स को ₹10 लाख तक का प्रदर्शन-लिंक्ड अनुदान मिल सकता है।
- कार्यक्रम का कुल बजट ₹9.26 करोड़ है, जो पांच वर्षों में वितरित किया जाएगा।
मंगलुरु: कर्नाटक के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से, कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) ने शुक्रवार को मंगलुरु में अपने महत्वाकांक्षी स्टार्टअप त्वरण कार्यक्रम, 'K-Combinator' का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का आयोजन The Indus Entrepreneurs (TiE) के मंगलुरु चैप्टर के तत्वावधान में किया गया है, जो इस महत्वपूर्ण पहल को कर्नाटक में संचालित करने के लिए मुख्य मेजबान की भूमिका निभाएगा।
यह कार्यक्रम राज्य सरकार के 'बियॉन्ड बेंगलुरु मिशन' और 'लोकल इकोनॉमी एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (LEAP)' के तहत शुरू किया गया है। इसका प्राथमिक लक्ष्य उडुपी-मंगलुरु और व्यापक तटीय कर्नाटक क्षेत्रों के उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स की पहचान करना, उन्हें पोषण देना और उनके विकास को गति देना है।
कार्यक्रम की संरचना और लाभ
TiE मंगलुरु के संस्थापक-अध्यक्ष रोहित भट्ट ने कार्यक्रम के विवरण को साझा करते हुए बताया कि K-Combinator प्रत्येक कोहोर्ट (cohort) के लिए 4-6 स्टार्टअप्स का चयन करेगा। प्रति वर्ष तीन कोहोर्ट्स की योजना बनाई गई है। चयनित संस्थापकों को 16 सप्ताह की एक गहन यात्रा से गुजरना होगा, जिसमें बूटकैंप, मास्टरक्लास, 15 से अधिक मेंटरिंग सत्र, पीयर रिव्यू और निवेशक तैयारी शामिल है।
TiE मंगलुरु के अध्यक्ष श्यामप्रसाद हेब्बर के अनुसार, यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन स्टार्टअप्स के लिए लक्षित है जिन्होंने अपना 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' (PoC) या 'मिनिमम वायबल प्रोडक्ट' (MVP) सफलतापूर्वक टेस्ट कर लिया है और अब स्केलिंग (scaling) के चरण में प्रवेश कर रहे हैं।
यह पहल तटीय कर्नाटक के उद्यमियों को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक उपकरण और नेटवर्क प्रदान करेगी।
वित्तीय सहायता और निवेश
स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण है। हेब्बर ने खुलासा किया कि प्रत्येक कोहोर्ट से दो योग्य स्टार्टअप्स को कार्यक्रम के सफल समापन के बाद 0% इक्विटी पर ₹10 लाख का प्रदर्शन-लिंक्ड अनुदान दिया जाएगा। रोहित भट्ट ने यह भी बताया कि इस पूरी पहल के लिए 5 वर्षों में ₹9.26 करोड़ का कुल स्वीकृत अनुदान निर्धारित है, जिसमें से ₹1.89 करोड़ की पहली किस्त पहले ही जारी की जा चुकी है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि कर्नाटक सरकार का यह कदम बेंगलुरु के बाहर तकनीक और नवाचार के विकेंद्रीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। 'बियॉन्ड बेंगलुरु' मिशन के माध्यम से, सरकार टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय असमानता को कम करने का प्रयास कर रही है।
Frequently Asked Questions
1. K-Combinator कार्यक्रम के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
वे स्टार्टअप्स जिन्होंने अपना MVP या PoC सफलतापूर्वक टेस्ट कर लिया है और जो अब स्केलिंग के चरण में हैं, वे आवेदन कर सकते हैं।
2. क्या इस अनुदान के बदले इक्विटी देनी होगी?
नहीं, चयनित स्टार्टअप्स को मिलने वाला ₹10 लाख का अनुदान 0% इक्विटी पर आधारित है।