अंध्र प्रदेश के सुबाबुल और यूक्लिप्टस किसानों को 18% जीएसटी का बोझ और आयातित लकड़ी चिप्स की प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, यह बात लंका दिनकर ने उजागर की। उन्होंने केंद्र सरकार से इस कृषि‑वन उत्पाद को कर‑मुक्त करने की अपील की है।
- सुबाबुल और यूक्लिप्टस पर 18% जीएसटी का बोझ है।
- किसानों ने कर‑राहत व 5% अस्थायी दर की मांग की।
- एक स्थायी नीतिगत ढांचा तैयार करने हेतु समिति की स्थापना का प्रस्ताव।
लंका दिनकर, अंध्र प्रदेश के ट्वेंटी‑पॉइंट प्रोग्राम के चेयरमैन, ने केंद्र सरकार को सुबाबुल और यूक्लिप्टस किसानों के लिए जीएसटी राहत देने का आग्रह किया। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को दो अलग‑अलग प्रस्तुतियों में इस मुद्दे को उजागर किया।
वेस्ट वुड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड तथा कई किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने बताया कि ये फसलें मुख्यतः छोटे और सीमांत किसानों द्वारा उगाई जाती हैं और कागज‑पल्प उद्योगों को आपूर्ति की जाती हैं। 18% जीएसटी की दर, साथ ही आयातित लकड़ी चिप्स की बढ़ती मात्रा ने घरेलू मांग को दबोचा है, जिससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के तौर पर, सुबाबुल (जैसे कि सायप्रस) और यूक्लिप्टस को अंध्र प्रदेश में 1990 के दशक से एग्रो‑फ़ॉरेस्ट्री मॉडल के तहत प्रोत्साहित किया गया है। प्रारम्भिक वर्षों में यह मॉडल किसानों को स्थायी आय के स्रोत प्रदान करता था, लेकिन हाल के वर्षों में वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा ने इस मॉडल को चुनौती दी है।
दिनकर ने सुबाबुल और यूक्लिप्टस को “कृषि उत्पादन” के रूप में मान्यता देने और जीएसटी से पूरी तरह मुक्त करने की मांग की। अस्थायी उपाय के रूप में उन्होंने जीएसटी दर को 5% तक घटाने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने एक विशेष समिति के गठन की भी अपील की, जो इस मुद्दे की गहन जांच कर स्थायी नीति ढांचा तैयार करे। साथ ही, इस विषय को जीएसटी परिषद के एजेंडा में प्राथमिकता देने की भी मांग की।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that relieving GST pressure on these agro‑forestry crops could revitalize rural economies in Andhra Pradesh, reduce dependence on imported wood chips, and strengthen the domestic paper‑pulp supply chain.
"यदि सरकार शीघ्र ही इस कर‑राहत को लागू करती है, तो यह न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा देगा," कहा कृषि अर्थशास्त्री अनीता राव ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सुबाबुल और यूक्लिप्टस को कृषि उत्पाद मानने से क्या लाभ होगा?
उत्तर: उन्हें कृषि उत्पाद मानने पर जीएसटी में छूट या दर में कमी मिल सकती है, जिससे किसानों की आय में सुधार होगा।
प्रश्न 2: इस मुद्दे को जीएसटी परिषद में कब लाया जा सकता है?
उत्तर: केंद्र सरकार की प्राथमिकता और समिति की सिफ़ारिशों के आधार पर यह अगले वित्त वर्ष के एजेंडा में शामिल हो सकता है।