कोयंबटूर का फाउंड्री उद्योग बढ़ती मांग के कारण 20% की शानदार वृद्धि दर्ज कर रहा है। ऑटोमोबाइल से लेकर कृषि उपकरणों तक, विभिन्न क्षेत्रों से भारी ऑर्डर्स मिलने के कारण उत्पादन क्षमता और निर्यात में तेजी आई है।

  • कोयंबटूर फाउंड्री उद्योग में पिछले एक वर्ष में 20% की वृद्धि हुई है।
  • क्षेत्र का वार्षिक उत्पादन लगभग ₹25,000 करोड़ का है, जिसमें से ₹10,000 करोड़ का निर्यात होता है।
  • कौशल की कमी को दूर करने के लिए कंपनियां अब ऑटोमेशन और AI में निवेश कर रही हैं।

तमिलनाडु का कोयंबटूर जिला एक बार फिर भारत के विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, कोयंबटूर के फाउंड्री उद्योग ने पिछले एक वर्ष में 20% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। इस विकास का मुख्य कारण ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण और सामान्य इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे भारी ऑर्डर्स हैं।

महेंद्रा पंप्स के प्रबंध निदेशक और इंटर फाउंड्री एवं इंटर डाईकास्ट इवेंट के अध्यक्ष, जयकुमार रामदास ने बताया कि देश के कुल 15 मिलियन टन वार्षिक कास्टिंग उत्पादन में से 1.5 मिलियन टन अकेले कोयंबटूर में निर्मित होता है। इस उद्योग का कुल मूल्य लगभग ₹25,000 करोड़ है, जिसमें से ₹10,000 करोड़ का हिस्सा वैश्विक बाजारों में निर्यात किया जाता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कोयंबटूर का यह उछाल केवल स्थानीय नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में भारत की स्थिति को मजबूत कर रहा है। लगभग 65% कास्टिंग अब मशीनिंग के साथ बेची जा रही हैं, जिससे मूल्यवर्धन (Value Addition) में काफी वृद्धि हुई है।

हमें वैश्विक बाजार में कोयंबटूर की हिस्सेदारी और बढ़ाने की आवश्यकता है।

वर्तमान में, अधिकांश फाउंड्री अपनी क्षमता का 90% से अधिक उपयोग कर रही हैं, जिससे मांग आपूर्ति से अधिक हो गई है। हालांकि, कुशल जनशक्ति (Skilled Manpower) की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस समस्या से निपटने के लिए, उद्योग अब तेजी से ऑटोमेशन, नई तकनीकों और डिजिटल टूल्स की ओर बढ़ रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कोयंबटूर को लंबे समय से 'दक्षिण भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता रहा है। दशकों से यहाँ के लघु और मध्यम उद्योगों ने इंजीनियरिंग और कास्टिंग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता विकसित की है, जो आज वैश्विक मानकों को टक्कर दे रही है।

Did You Know?: कोयंबटूर अकेले भारत के कुल कास्टिंग उत्पादन का 10% हिस्सा कवर करता है!

Frequently Asked Questions

1. कोयंबटूर फाउंड्री उद्योग की मुख्य चुनौती क्या है?
मुख्य चुनौती कुशल जनशक्ति की उपलब्धता है, जिसके कारण उद्योग अब ऑटोमेशन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

2. 'इंटर फाउंड्री' प्रदर्शनी का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य नवीनतम तकनीकों, AI के उपयोग और नए उपकरणों को प्रदर्शित करना है ताकि उद्योग को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा सके।