केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने संकेत दिए हैं कि PM-KUSUM योजना का दूसरा चरण जल्द शुरू होगा, जिसमें खेती और सौर ऊर्जा के एकीकरण (एग्रीवोल्टाइक्स) के लिए विशेष प्रावधान होंगे।
- PM-KUSUM 2.0 की घोषणा जल्द होने की संभावना।
- एग्रीवोल्टाइक्स (खेती + सौर ऊर्जा) के लिए समर्पित घटक शामिल होगा।
- छोटे और सीमांत किसानों, FPOs और पंचायतों पर मुख्य ध्यान।
- विभिन्न फसलों और जलवायु के लिए गहन शोध पर जोर।
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने संकेत दिया है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना PM-KUSUM के दूसरे चरण (Phase-II) की घोषणा बहुत जल्द की जा सकती है। सातवें एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस 2026 के दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री स्वयं इस योजना का शुभारंभ करेंगे।
इस नए चरण की सबसे बड़ी विशेषता 'एग्रीवोल्टाइक्स' (Agrivoltaics) का समावेश होगा। एग्रीवोल्टाइक्स एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जिसमें एक ही भूमि के टुकड़े पर सौर पैनल लगाए जाते हैं और उनके नीचे कृषि गतिविधियाँ जारी रखी जाती हैं। यह न केवल बिजली उत्पादन सुनिश्चित करता है, बल्कि फसल को अत्यधिक धूप से बचाकर पानी के वाष्पीकरण को भी कम कर सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश है। पारंपरिक सौर फार्म अक्सर कृषि योग्य भूमि को हटा देते हैं, लेकिन एग्रीवोल्टाइक्स के माध्यम से सरकार 'भूमि उपयोग दक्षता' (Land Use Efficiency) को अधिकतम करना चाहती है। यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत पैदा करने का एक क्रांतिकारी तरीका हो सकता है।
"एक ही फॉर्मूला हर जगह काम नहीं कर सकता; हमें अलग-अलग फसलों और भौगोलिक क्षेत्रों के लिए विशिष्ट शोध की आवश्यकता है।"
मंत्री जोशी ने उद्योग जगत के हितधारकों और शोधकर्ताओं से अपील की है कि वे विभिन्न जलवायु परिस्थितियों और फसलों पर एग्रीवोल्टाइक्स के प्रभाव का गहन अध्ययन करें। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सौर पैनलों की छाया फसलों की पैदावार को प्रभावित न करे, बल्कि उन्हें लाभ पहुँचाए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: PM-KUSUM क्या है?
2019 में शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। इसके तहत विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना, स्टैंडअलोन सौर पंपों का प्रावधान और ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों के सौरकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
| विशेषता | PM-KUSUM 1.0 | PM-KUSUM 2.0 (प्रस्तावित) |
|---|---|---|
| मुख्य फोकस | सौर पंप और ग्रिड सौरकरण | एग्रीवोल्टाइक्स और एकीकृत खेती |
| तकनीक | स्टैंडअलोन सोलर पैनल | स्मार्ट सोलर-एग्रीकल्चर हाइब्रिड सिस्टम |
| लक्ष्य समूह | सामान्य किसान | सीमांत किसान, FPOs और पंचायतें |
Frequently Asked Questions
1. एग्रीवोल्टाइक्स क्या है?
यह सौर ऊर्जा उत्पादन और कृषि का एक संयुक्त तरीका है जहाँ सौर पैनलों को फसलों के ऊपर इस तरह लगाया जाता है कि खेती और बिजली उत्पादन दोनों एक साथ हो सकें।
2. PM-KUSUM 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों और सहकारी समितियों को आधुनिक सौर तकनीक से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को कार्बन-मुक्त बनाना है।