रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) ने भारतीय कंपनियों पिनैकल एयर और स्लीक एविएशन के साथ 85 Il-114-300 टर्बोप्रॉप विमानों की आपूर्ति के लिए शुरुआती समझौते किए हैं। यह कदम भारत के क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने और रूस के बाजार विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।
- रूस के UAC ने भारतीय फर्मों Pinnacle Air और Sleek Aviation के साथ 85 Il-114-300 विमानों के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।
- यह सौदा भारत की UDAN योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
- पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस भारत जैसे मित्र देशों के साथ रणनीतिक विमानन साझेदारी तलाश रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित INNOPROM.India व्यापार कार्यक्रम के दौरान, रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) ने भारतीय विमानन क्षेत्र में अपनी पैठ जमाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रूस के राज्य-स्वामित्व वाले रक्षा और औद्योगिक समूह Rostec के अनुसार, UAC ने Pinnacle Air और Sleek Aviation के साथ कुल 85 टर्बोप्रॉप Il-114-300 क्षेत्रीय विमानों की आपूर्ति के लिए प्रारंभिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते के विवरण के अनुसार, Pinnacle Air के लिए 50 विमानों की डिलीवरी के लिए एक 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि Sleek Aviation के साथ 35 विमानों की आपूर्ति और एक पूर्ण-उड़ान सिम्युलेटर के साथ प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये अभी अंतिम ऑर्डर नहीं हैं, बल्कि खरीदारों की रुचि का औपचारिकरण हैं, जिन्हें इस साल के अंत तक फर्म ऑर्डर में बदलने की उम्मीद है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह समझौता केवल व्यावसायिक नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक भी है। अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के कारण रूस का वैश्विक बाजार सिमट गया है। ऐसे में भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है, रूस के लिए एक जीवनरेखा बन सकता है। यदि यह सौदा सफल होता है, तो यह भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (UDAN) को नई गति देगा और पश्चिमी विमान निर्माताओं (जैसे ATR और Embraer) के एकाधिकार को चुनौती देगा।
"भारत की क्षेत्रीय हवाई यात्रा की क्षमताएं अपार हैं, और Il-114-300 जैसे विमान छोटे शहरों को जोड़ने और परिवहन पहुंच में सुधार करने के लिए आदर्श हैं।"
Il-114-300 एक पूरी तरह से रूसी निर्मित विमान है, जिसमें इसके एवियोनिक्स से लेकर इंजन तक सब कुछ रूस में ही बनाया गया है। यह विमान 68 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और इसे ATR-72-600 का एक मजबूत प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। यह न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि डाक, कार्गो डिलीवरी और चिकित्सा बचाव कार्यों के लिए भी उपयुक्त है।
ऐतिहासिक रूप से, रूसी विमानन उद्योग ने उत्पादन में देरी और घटकों की कमी जैसी चुनौतियों का सामना किया है। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा Rostec और UAC पर लगाए गए प्रतिबंधों ने इसकी आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। भारतीय कंपनियां आमतौर पर अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रति सतर्क रहती हैं, लेकिन भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और रूस के साथ पुराने रक्षा संबंधों ने इस बातचीत का रास्ता खोला है।
| विशेषता | Il-114-300 (रूस) | ATR-72-600 (यूरोप) |
|---|---|---|
| यात्री क्षमता | 68 यात्री | 70-78 यात्री |
| उपयोग | क्षेत्रीय/कार्गो/बचाव | मुख्यतः क्षेत्रीय यात्री |
| निर्माण | पूर्णतः रूसी | फ्रांसीसी-इतालवी |
UAC के सीईओ वदिम बादेखा ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस साझेदारी को औद्योगिक स्तर पर ले जाया जा सकता है, जिसमें भारत में ही Il-114-300 के पुर्जों का स्थानीयकरण और उत्पादन भी शामिल हो सकता है। यह भारत के 'मेक इन इंडिया' विजन के साथ मेल खाता है, जहाँ भारत खुद को एक वैश्विक एयरोस्पेस हब बनाना चाहता है।
Frequently Asked Questions
1. क्या ये 85 विमानों के ऑर्डर फाइनल हो चुके हैं?
नहीं, ये अभी केवल प्रारंभिक समझौते और रुचि पत्र (LoI/MoU) हैं। इन्हें साल के अंत तक फर्म ऑर्डर में बदलने की योजना है।
2. क्या अमेरिकी प्रतिबंध इस डील को प्रभावित कर सकते हैं?
हाँ, क्योंकि Rostec और UAC अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में हैं, इसलिए भारतीय कंपनियों को द्वितीयक प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) के जोखिम का आकलन करना होगा।