होसुर में आयोजित CII-CEL बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम में उद्यमियों को तकनीक अपनाने और टिकाऊ विकास पर जोर देने के लिए प्रेरित किया गया। जिला कलेक्टर सी. दिनेश कुमार ने शहर के समग्र विकास के लिए एक रणनीतिक रोडमैप भी जारी किया।
- CII और CEL ने होसुर के उद्यमियों के लिए दो दिवसीय बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम आयोजित किया।
- जिला कलेक्टर सी. दिनेश कुमार ने 'होसुर के समग्र विकास के लिए रणनीतिक रोडमैप' रिपोर्ट जारी की।
- प्रोग्राम में AI, वित्तीय प्रबंधन, और सस्टेनेबल ग्रोथ जैसे आधुनिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
- 52 उद्यमियों को कोर्स पूरा करने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
तमिलनाडु के औद्योगिक केंद्र होसुर में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और उसके उत्कृष्टता केंद्र (CEL) ने उद्यमियों के लिए एक विशेष 'बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम' का आयोजन किया। नेटवेस्ट ग्रुप द्वारा समर्थित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को आधुनिक व्यापारिक चुनौतियों के लिए तैयार करना था। इस कार्यक्रम के तहत मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन, कैश फ्लो, सेल्स रणनीति और टीम बिल्डिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर सी. दिनेश कुमार ने उद्यमियों से आग्रह किया कि वे अपने व्यवसायों में नई तकनीकों को अपनाएं और वित्तीय अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक बाजार में केवल वही व्यवसाय टिक पाएंगे जो सस्टेनेबल ग्रोथ (टिकाऊ विकास) और तकनीकी प्रगति को अपने मूल संचालन में एकीकृत करेंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि होसुर जैसे औद्योगिक क्लस्टर्स के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब छोटे उद्यमी AI और डिजिटल टूल्स को अपनाते हैं, तो न केवल उनकी उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि वे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का हिस्सा बनने के योग्य हो जाते हैं। यह कदम स्थानीय अर्थव्यवस्था को अधिक लचीला और प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
"तकनीकी प्रगति और वित्तीय अनुशासन का सही संतुलन ही छोटे व्यवसायों को बड़े कॉर्पोरेट घरानों में बदलने की कुंजी है।"
कलेक्टर ने प्रतिभागियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सहायता योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध सब्सिडी, ब्याज सहायता और ऋण योजनाओं का उल्लेख किया और उन्हें जिला उद्योग केंद्र (DIC) से संपर्क करने की सलाह दी।
यह आयोजन CII-CEL की प्रमुख पहल 'प्रोजेक्ट पुथिया पायनम, वलारचियै नोकी' का हिस्सा था, जो पूरे तमिलनाडु में सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को सशक्त बना रहा है। होसुर के मेयर एस.ए. सत्य ने उद्यमियों से इन क्षमता निर्माण के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया ताकि वे आने वाले वर्षों में अपने संचालन का विस्तार कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में, प्रतिभागियों द्वारा 'एलिवेटर पिच' और अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे उनके व्यावसायिक दृष्टिकोण में आए बदलाव का पता चला। CII होसुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष जी. मधियाझगन ने उद्यमियों को इस फोरम के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।
Frequently Asked Questions
1. CII-CEL बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य उद्यमियों को AI, सस्टेनेबल ग्रोथ और वित्तीय प्रबंधन जैसे आधुनिक उपकरणों के माध्यम से अपने व्यवसाय को स्केल करने में मदद करना था।
2. उद्यमियों के लिए सरकार की कौन सी योजनाएं उपलब्ध हैं?
सरकार सब्सिडी, ब्याज सहायता और विशेष रूप से महिला उद्यमियों के लिए ऋण योजनाएं प्रदान करती है, जिनकी जानकारी जिला उद्योग केंद्र (DIC) से प्राप्त की जा सकती है।