कोलकाता‑आधारित रामकृष्ण फोर्जिंग्स ने 2026‑27 वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ रुपये का निवेश घोषित किया है। कंपनी का लक्ष्य अगले वर्ष मार्च‑अप्रैल तक झारखंड में नई घटक उत्पादन इकाई को चालू करना और 2030 तक वार्षिक उत्पादन क्षमता को एक मिलियन टन तक बढ़ाना है।
- ₹300 करोड़ का निवेश 2026‑27 में योजनाबद्ध
- झारखंड में नई घटक उत्पादन सुविधा मार्च‑अप्रैल 2027 में चालू
- 2030 तक उत्पादन क्षमता 1 मिलियन टन तक बढ़ाने का लक्ष्य
कोलकाता‑आधारित रामकृष्ण फोर्जिंग्स (Ramkrishna Forgings), जो फोर्ज्ड, मशीनड और फेब्रिकेटेड प्रोडक्ट्स का प्रमुख सप्लायर है, ने 2026‑27 के वित्तीय वर्ष में 250‑300 करोड़ रुपये के बीच निवेश की घोषणा की है। यह निवेश कंपनी की उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने और नई तकनीकी क्षमताओं को जोड़ने के उद्देश्य से है।
निवेश का दायरा
कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक, चैतन्य जालन, ने बताया कि 170 करोड़ रुपये का हिस्सा झारखंड में एक नई घटक उत्पादन इकाई के लिए earmarked किया गया है, जो 2027 के मार्च‑अप्रैल में चालू होने की उम्मीद है। यह इकाई विशेष रूप से पेसेंजर वाहनों के लिए घटकों के निर्माण पर केंद्रित होगी।
उत्पादन विस्तार और भविष्य की योजनाएँ
उद्योग के इस विस्तार के साथ, रामकृष्ण फोर्जिंग्स अपनी कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता को 2030 तक एक मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। यह कदम भारतीय ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस सेक्टर में कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करेगा।
उद्योग पर प्रभाव
यह निवेश न केवल कंपनी की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करेगा, बल्कि झारखंड में रोजगार सृजन और स्थानीय उद्योग को भी प्रोत्साहित करेगा। भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के अनुरूप, यह कदम क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि फोर्जिंग और मशीनीकरण सेक्टर में निवेश से भारत की ऑटोमोटिव आपूर्ति श्रृंखला को घरेलू स्तर पर सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी, जिससे आयात निर्भरता घटेगी। इसके अलावा, 2027 तक नई सुविधा के चालू होने से 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
"यह निवेश भारतीय फोर्जिंग उद्योग के लिए एक मील का पत्थर है, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कंपनी को अग्रणी स्थिति में रखेगा," कहते हैं प्रोफेसर अनिल शर्मा, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर।
Frequently Asked Questions
Q1: रामकृष्ण फोर्जिंग्स का निवेश किस क्षेत्र में प्रमुख रूप से केंद्रित है?
A1: प्रमुख रूप से झारखंड में पेसेंजर वाहन घटकों के लिए नई उत्पादन इकाई में।
Q2: यह निवेश कंपनी की उत्पादन क्षमता को किस हद तक बढ़ाएगा?
A2: 2030 तक वार्षिक उत्पादन क्षमता को एक मिलियन टन तक बढ़ाने की योजना है।