गुजरात सरकार ने हाई कोर्ट को 27,000 से अधिक नई पुलिस नियुक्तियों की योजना प्रस्तुत की, जिसमें साइबरक्राइम, ट्रैफ़िक और नारकोटिक्स के लिए विशेष इकाइयाँ शामिल हैं। यह कदम राज्य की सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के लिए है।

मुख्य बिंदु

  • 27,000+ नई पुलिस पदों की भर्ती योजना
  • पहले चरण में 10,861 कांस्टेबल और 472 पीएसआई चयनित
  • साइबरक्राइम, ट्रैफ़िक, नारकोटिक्स के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित

परिचय

गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार को गृह विभाग के प्रमुख जी. एच. विरक के बयान को सुना, जिसमें राज्य सरकार ने पुलिस बल के व्यापक पुनर्गठन और विस्तार का विवरण दिया। यह कदम दो सार्वजनिक हित याचिकाओं के संदर्भ में किया गया – एक अहमदाबाद में ट्रैफ़िक प्रबंधन और सड़क अवसंरचना की कमी पर, और दूसरा 2019 से चल रही पुलिस रिक्तियों पर।

भर्ती की दो चरण

पहला चरण पूरा हो चुका है, जिसमें 10,861 कांस्टेबल और 472 पुलिस सब‑इंस्पेक्टर (पीएसआई) का चयन किया गया। दूसरा चरण जारी है, जिसमें 13,591 पदों – 12,733 कांस्टेबल और 858 पीएसआई – को भरने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त 2,109 नए कांस्टेबल पदों को मंजूरी दी गई है, जिसमें 2,082 निरस्त्री और 27 सशस्त्र कांस्टेबल शामिल हैं।

ट्रैफ़िक एवं आपातकालीन सेवाएँ

राज्य ने 3,261 ट्रैफ़िक ब्रिगेड कर्मियों को 38 जिलों में तैनात किया है, जिसमें अहमदाबाद में 650 अतिरिक्त कर्मी शामिल हैं। इनकी मदद से ट्रैफ़िक जाम को कम करने और नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करने की योजना है। साथ ही 2,000 कर्मियों को "डायल 112 जनरक्षक" पहल के तहत तैनात किया जाएगा, जो पुलिस, फायर, एम्बुलेंस, महिला सहायता और बाल हेल्पलाइन को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ता है।

विशेषीकृत इकाइयाँ और प्रौद्योगिकी

राज्य ने अपराध और साक्ष्य सेल को 32 समर्पित कांस्टेबल पदों से सुदृढ़ किया है, जो आतंकवाद, संगठित अपराध, मानव तस्करी और साइबरक्राइम जैसे जटिल मामलों की जांच और अभियोजन को तेज़ करेगा। साइबरक्राइम, डिजिटल फ़ोरेंसिक्स, डेटा एनालिटिक्स और एआई‑सहायता वाले पुलिसिंग के लिए विशेष भूमिकाएँ बनाई गई हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले दो दशकों में गुजरात पुलिस ने कई चरणों में विस्तार किया है, विशेषकर 2002 के बाद सुरक्षा सुधारों के तहत। इस नई पहल को राज्य की डिजिटल सुरक्षा और शहरी प्रबंधन की जरूरतों के साथ संरेखित किया गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि विस्तृत भर्ती और तकनीकी‑संचालित पुलिसिंग से अपराध निरोधक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक भरोसा मजबूत होगा।

"साइबर और ट्रैफ़िक सुरक्षा में विशेषज्ञता वाले पुलिस बल का निर्माण, भविष्य की चुनौतियों के लिए आवश्यक है," कहा सुरक्षा विशेषज्ञ प्रो. अंजली मेहरा ने।
क्या आप जानते हैं?: गुजरात में 2020 से पुलिस की डिजिटल निगरानी क्षमता में 40% की वृद्धि हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • प्रश्न: नई भर्ती का प्राथमिक फोकस क्या है?
    उत्तर: साइबरक्राइम, ट्रैफ़िक प्रबंधन, नारकोटिक्स नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करना।
  • प्रश्न: क्या ये पद राज्य भर में समान रूप से वितरित किए जाएंगे?
    उत्तर: हाँ, नियुक्ति प्रमुख शहरों और ग्रामीण जिलों दोनों में आवश्यकतानुसार की जाएगी।