हैदराबाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर 'रेंट बॉयफ्रेंड' के नाम पर चल रहे एक खतरनाक स्कैम के प्रति महिलाओं को आगाह किया है। अपराधी आकर्षक ऑफर्स और फर्जी प्रोफाइल का उपयोग करके महिलाओं से पैसे ऐंठ रहे हैं और उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- सोशल मीडिया पर 'रेंट बॉयफ्रेंड' के नाम से फर्जी विज्ञापन चल रहे हैं।
- अपराधी AI-जनरेटेड तस्वीरों और भारी छूट का लालच देकर महिलाओं को फंसाते हैं।
- स्कैम का तरीका: एडवांस पेमेंट लेना, व्यक्तिगत जानकारी चुराना और फिर ब्लैकमेल करना।
- हैदराबाद पुलिस ने माता-पिता से भी सतर्क रहने की अपील की है।
हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर VC सज्जनार ने हाल ही में एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि सोशल मीडिया पर 'रेंट बॉयफ्रेंड' (किराये का बॉयफ्रेंड) के नाम पर चल रहे विज्ञापन वास्तव में एक सोची-समझी साइबर साजिश है। ये अपराधी पेशेवर और गोपनीय साथ (companionship) का वादा करते हैं, लेकिन इनका असली मकसद महिलाओं को आर्थिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाना है।
जांच में पाया गया है कि ये जालसाज बेहद चालाकी से काम करते हैं। वे सोशल मीडिया पर आकर्षक और हैंडसम दिखने वाले पुरुषों की तस्वीरें पोस्ट करते हैं, जो अक्सर AI-जनरेटेड होती हैं या इंटरनेट से चोरी की गई होती हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए वे '50% छूट' जैसे लुभावने ऑफर्स का उपयोग करते हैं ताकि महिलाएं बिना सोचे-समझे उनसे संपर्क करें।
यह क्यों मायने रखता है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के अपराध डिजिटल युग में बदलते सामाजिक व्यवहार और अकेलेपन का फायदा उठाते हैं। अपराधी न केवल सीधे तौर पर पैसे लूटते हैं, बल्कि वे महिलाओं की निजी तस्वीरें और फोन नंबर भी हासिल कर लेते हैं, जिसका उपयोग बाद में ब्लैकमेलिंग के लिए किया जाता है। यह केवल वित्तीय अपराध नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा पर सीधा हमला है।
"साइबर अपराधी अब केवल पैसे नहीं चुरा रहे, बल्कि वे विश्वास का उपयोग करके महिलाओं की निजी जानकारी और उनकी गरिमा को निशाना बना रहे हैं।"
पुलिस के अनुसार, अपराधी सबसे पहले 'सिक्योरिटी डिपॉजिट' या 'बुकिंग कन्फर्मेशन' के नाम पर एडवांस पैसे मांगते हैं। जैसे ही पीड़ित महिला भुगतान कर देती है, अपराधी उनका नंबर ब्लॉक कर देते हैं। यदि महिला ने अपनी कोई निजी तस्वीर साझा की है, तो अपराधी उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में, भारत के प्रमुख शहरों में 'डिजिटल कंपैनियनशिप' (डिजिटल साथ) के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों में भारी वृद्धि देखी गई है। जैसे-जैसे डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ा है, अपराधियों ने अकेलेपन और सामाजिक असुरक्षा का लाभ उठाकर नए-नए तरीके विकसित किए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: यदि मैं इस तरह के स्कैम का शिकार हो जाऊं तो क्या करूं?
उत्तर: तुरंत हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
प्रश्न 2: माता-पिता को अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर: माता-पिता को अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों और स्मार्टफोन के उपयोग पर नजर रखनी चाहिए ताकि वे ऐसे खतरों से बच सकें।