एंटी-करप्शन ब्रांच ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर में धांधली के आरोप में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और टेंडर शर्तों में हेरफेर का खुलासा हुआ है।

  • पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व DJB सीईओ उदित प्रकाश राय सहित 6 लोग गिरफ्तार।
  • सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर प्रक्रिया में धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप।
  • एक विशेष कंपनी, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर शर्तों में बदलाव।
  • जांच में ₹1.52 करोड़ के अवैध लेनदेन और मनी ट्रेल का खुलासा।

नई दिल्ली: भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं के टेंडर मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय सहित छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, तकनीकी विशिष्टताओं में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा है।

ACB द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह मामला 11 मई, 2024 को सतर्कता निदेशालय (Directorate of Vigilance) की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। जांच में पाया गया कि टेंडर की शर्तों को इस तरह से तैयार किया गया था कि वे केवल एक विशेष कंपनी, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, के अनुकूल हों। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई और निजी संस्था को अनुचित लाभ प्राप्त हुआ।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के घोटाले न केवल सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता से भी समझौता करते हैं। दिल्ली जैसे महानगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का सही ढंग से काम न करना स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि टेंडर में तकनीकी मापदंडों को जानबूझकर बदला गया और आवश्यक मानकों को हटा दिया गया, जिससे सरकार को भारी वित्तीय हानि हुई। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से पता चला है कि निजी व्यक्तियों, सार्वजनिक सेवकों और बिचौलियों के बीच टेंडर की शर्तों और सुधारों (corrigendums) को लेकर लगातार बातचीत हो रही थी ताकि प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।

भ्रष्टाचार के इस मामले में टेंडर की तकनीकी विशिष्टताओं का हेरफेर सीधे तौर पर सार्वजनिक धन की लूट की ओर इशारा करता है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रिश्वत की राशि को सृजनहार (Srijanhar) और एएन एंटरप्राइजेज (AN Enterprises) जैसी मध्यस्थ संस्थाओं के माध्यम से घुमाया गया था। ACB का दावा है कि पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में लगभग ₹1.52 करोड़ स्थानांतरित किए गए, जिसका उपयोग अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) पिछले कई वर्षों से बुनियादी ढांचे के उन्नयन और सीवेज प्रबंधन की चुनौतियों से जूझ रहा है। हाल के वर्षों में, विभिन्न टेंडर प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, जिससे दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।

Did You Know?: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का मुख्य उद्देश्य गंदे पानी को साफ करना है ताकि उसे नदियों में छोड़ने से पहले सुरक्षित बनाया जा सके।

Frequently Asked Questions

1. गिरफ्तार किए गए अन्य लोग कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में DJB के पूर्व अनुबंध सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और निजी व्यक्ति नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुरा और पंकज वर्मा शामिल हैं।

2. यह घोटाला किस बारे में है?
यह घोटाला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर और एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए तकनीकी शर्तों को बदलने से संबंधित है।