उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले के मुख्य साजिशकर्ता शारिक साता के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। दुबई में छिपे इस अपराधी को भारत वापस लाने के लिए अब वैश्विक स्तर पर छापेमारी शुरू होगी।
- इंटरपोल ने संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साता के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया।
- साता ने जाली पासपोर्ट के जरिए दुबई भागकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की।
- उसके खिलाफ संभल हिंसा सहित लगभग 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- CBI के माध्यम से कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
उत्तर प्रदेश के संभल में नवंबर 2024 में हुई भीषण हिंसा के कथित मास्टरमाइंड, भगोड़े गैंगस्टर शारिक साता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसी इंटरपोल (Interpol) ने बड़ा कदम उठाया है। इंटरपोल ने साता के खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' (RCN) जारी कर दिया है, जिसका उद्देश्य उसे दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढना और प्रत्यर्पित करना है।
पुलिस जांच के अनुसार, शारिक साता ने कई साल पहले एक जाली पासपोर्ट का उपयोग करके देश छोड़ दिया था और वह वर्तमान में दुबई में छिपा हुआ है। संभल के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, साता ने हिंसा की पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कार्रवाई न केवल संभल हिंसा के दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध के खिलाफ भारत की बढ़ती पकड़ को भी दर्शाती है। साता केवल संभल हिंसा में ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वाहन चोरी जैसे 55 से 60 अन्य गंभीर अपराधों में भी शामिल रहा है।
इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब साता के लिए दुनिया का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं है; उसे प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया अब तेज हो जाएगी।
संभल में हिंसा 24 नवंबर, 2024 को तब भड़की थी जब शाही जामा मस्जिद के कोर्ट-आदेशित सर्वेक्षण के दौरान प्रदर्शनकारी सुरक्षा बलों से भिड़ गए थे। इस संघर्ष में चार लोगों की जान चली गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह विवाद उस दावे से जुड़ा था कि मस्जिद के स्थान पर पहले एक हरिहर मंदिर स्थित था।
साता के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अनुरोध भेजा था। पुलिस ने बताया कि साता के घर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 84 के तहत नोटिस भी चिपकाया गया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग से उसे भारत लाने की तैयारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. रेड कॉर्नर नोटिस क्या है?
यह इंटरपोल द्वारा जारी किया गया एक अंतरराष्ट्रीय अनुरोध है, जिसका उपयोग दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को किसी वांछित अपराधी को खोजने और अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने के लिए किया जाता है।
2. शारिक साता पर कुल कितने मामले दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार, शारिक साता पर संभल हिंसा सहित लगभग 55 से 60 विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं।