कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कोडगु में स्थित एक होमस्टे मालिक के खिलाफ दायर आरोपपत्र को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि मालिक ने घटना के समय होमस्टे में उपस्थित नहीं थे और उनके खिलाफ आरोप निराधार हैं।
- कर्नाटक हाई कोर्ट ने होमस्टे मालिक के खिलाफ आरोपपत्र को रद्द किया।
- अधिकारियों ने बताया कि मालिक ने घटना के समय स्थल पर नहीं थे।
- मालिक को 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
बेंगलुरु, 24 अगस्त 2026 – कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को कोडगु में एक होमस्टे मालिक के खिलाफ दायर आरोपपत्र को रद्द कर दिया, जिसे अमेरिकी नागरिक के यौन आक्रमण के आरोपों से जोड़ा गया था। न्यायाधीश एम. नागाप्रसन्ना ने मालिक की याचिका स्वीकार कर आरोपपत्र को निरस्त किया, यह स्पष्ट करते हुए कि यह निर्णय केवल याचिकाकर्ता के मामले पर लागू होगा।
मालिक के वकील, एडवोकेट अंगद कामथ ने तर्क दिया कि मुकदमे के समय मालिक होमस्टे में उपस्थित नहीं थे, इसलिए उन्होंने किसी भी अपराध की जानकारी नहीं रखी और न ही रिपोर्ट करने का इरादा किया। इस दावे को समर्थन देने के लिए सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से दिखाया गया कि मालिक घटना के समय स्थल पर नहीं थे।
यह मामला अप्रैल में एक 33 वर्षीय अमेरिकी नागरिक द्वारा अमेरिकी दूतावास के माध्यम से दायर शिकायत से उत्पन्न हुआ था। पुलिस ने प्रारंभ में होमस्टे मालिक, दो सह-अभियुक्त और एक टैक्सी चालक को गिरफ्तार किया था, जिन्हें महिला के खिलाफ यौन हमला करने का आरोप था। दोनों सह-अभियुक्त अभी भी ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कर्नाटक में होमस्टे उद्योग पिछले दशक में तेज़ी से बढ़ा है, जिससे राज्य ने कई बार नियामक नियमों को कड़ा किया है। 2022 में एक अमेरिकी पर्यटक पर यौन हमला होने के बाद राज्य ने होमस्टे मानकों को सख्त करने का आदेश दिया, जिसमें सुरक्षा कैमरों की अनिवार्यता और अतिथियों की पंजीकरण प्रक्रियाओं को कड़ा किया गया। इस संदर्भ में इस मामले ने फिर से होमस्टे मालिकों के अधिकारों और सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन पर प्रकाश डाला।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this ruling underscores the delicate balance between protecting foreign tourists and safeguarding the legal rights of local entrepreneurs, potentially influencing future policy revisions in Karnataka’s hospitality sector.
"ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता न केवल विदेशी नागरिकों के विश्वास को बढ़ाती है, बल्कि स्थानीय व्यवसायियों को अनावश्यक कानूनी जोखिमों से बचाती है," कहा कानूनी विशेषज्ञ प्रो. रवींद्र वर्मा ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या होमस्टे मालिक को अब भी कोई कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा?
उत्तर: वर्तमान निर्णय के अनुसार, इस विशेष आरोपपत्र को रद्द किया गया है, लेकिन अन्य मामलों में अलग-अलग परिणाम हो सकते हैं।
प्रश्न 2: अमेरिकी नागरिक को इस फैसला से क्या लाभ होगा?
उत्तर: इस फैसले से अमेरिकी नागरिक की शिकायत के संदर्भ में जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं, परन्तु न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल याचिकाकर्ता पर लागू है।