मुंबई पुलिस ने मलाड स्थित एक कॉल सेंटर पर छापा मारकर 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो ई-कॉमर्स दिग्गजों के नाम पर फर्जी डिलीवरी फ्रेंचाइजी बेचकर लोगों को ठग रहे थे।
- मुंबई क्राइम ब्रांच ने मलाड के एवर्सहाइने मॉल में स्थित 'इंस्टा ट्रांसफर बिज़ प्राइवेट लिमिटेड' पर छापा मारा।
- 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कंपनी का मालिक और प्रबंधक शामिल हैं।
- आरोपियों ने Amazon, Flipkart और Blue Dart जैसी कंपनियों के नाम का दुरुपयोग किया।
- पुलिस ने ₹25 लाख मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं।
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ई-कॉमर्स कंपनियों की साख का इस्तेमाल कर आम जनता को निशाना बना रहा था। मलाड वेस्ट के एवर्सहाइने मॉल में स्थित 'इंस्टा ट्रांसफर बिज़ प्राइवेट लिमिटेड' नामक एक कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापेमारी की, जहाँ से 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह Amazon, Flipkart, Myntra, Blue Dart, DTDC और BigBasket जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर फर्जी 'लाइफटाइम डिलीवरी फ्रेंचाइजी' देने का झांसा देता था। आरोपी टेलीकॉलर्स के माध्यम से लोगों को लुभावने रिटर्न का लालच देकर निवेश करवाते थे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस तरह के डिजिटल स्कैम में तेजी से वृद्धि हुई है, जहाँ अपराधी स्थापित ब्रांडों के नाम का उपयोग करके लोगों का भरोसा जीतते हैं। यह मामला दर्शाता है कि कैसे साइबर अपराधी अब फिजिकल ऑफिस और मॉल का उपयोग करके अपनी गतिविधियों को वैध दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम पर आने वाले किसी भी फ्रेंचाइजी ऑफर की आधिकारिक वेबसाइट से जांच करना अनिवार्य है।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जब्त किए गए सामान में 105 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 32 लैपटॉप, 30 मोबाइल फोन, पांच टैबलेट और 100 से अधिक फर्जी फ्रेंचाइजी समझौते शामिल हैं। इन सभी सामग्रियों की कुल कीमत लगभग ₹25 लाख आंकी गई है।
इस मामले में बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और 3(5) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Historical Background
भारत में पिछले कुछ वर्षों में 'फ्रेंचाइजी स्कैम' के मामलों में भारी उछाल आया है। जैसे-जैसे डिजिटल अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, जालसाज डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के नाम पर लोगों को निवेश के लिए उकसा रहे हैं, जो अक्सर 'वर्क फ्रॉम होम' या 'बिजनेस पार्टनरशिप' के रूप में पेश किए जाते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यह धोखाधड़ी कैसे काम करती थी?
उत्तर: आरोपी कॉल के माध्यम से लोगों को प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनियों की डिलीवरी फ्रेंचाइजी देने का वादा करते थे और बदले में भारी निवेश मांगते थे।
प्रश्न 2: क्या पुलिस ने कोई सबूत बरामद किए हैं?
उत्तर: हाँ, पुलिस ने ₹25 लाख का इलेक्ट्रॉनिक सामान और सैकड़ों फर्जी अनुबंध जब्त किए हैं।