ठाणे जिले के शहापुर क्षेत्र में स्थित टेम्बा आश्रम शाला के एक सहायक को 22 नाबालिग छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पहले भी इसी तरह के अपराध में शामिल रहा है।

  • ठाणे के शहापुर में टेम्बा आश्रम शाला का सहायक गिरफ्तार।
  • 22 नाबालिग छात्राओं ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
  • आरोपी गणपत गावली पहले भी यौन उत्पीड़न के मामले में जमानत पर था।
  • पुलिस अब नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां शहापुर क्षेत्र के टेम्बा आश्रम शाला में एक सहायक द्वारा 22 नाबालिग छात्राओं के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। पुलिस ने आरोपी, जिसकी पहचान 35 वर्षीय गणपत गावली के रूप में हुई है, को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का खुलासा तब हुआ जब 24 अगस्त को 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। छात्रा ने बताया कि गावली ने उसे कोने में घेर लिया और उसके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। इस शिकायत के बाद, जांच के दौरान 21 अन्य छात्राओं ने भी आरोपी के अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न की घटनाओं के बारे में सामने आकर चौंकाने वाले खुलासे किए।

अपराधी का पुराना इतिहास

जांच में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। BozokMedia analysis shows कि आरोपी गणपत गावली एक आदतन अपराधी है। वर्ष 2024 में, उस पर एक अन्य आश्रम शाला में एक बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। वह उस मामले में जमानत पर था, और इसी दौरान उसने शहापुर आश्रम शाला में कुक के सहायक के रूप में काम करना शुरू कर दिया।

एक पूर्व अपराधी को बच्चों के सुरक्षित वातावरण में नियुक्त करना प्रशासन की बड़ी विफलता है।

एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना (ITDP) की अधिकारी तेजसविनी आर. गलंडे ने पुष्टि की कि आरोपी पहले अघई में एक आश्रम स्कूल में काम कर चुका है और सेवानिवृत्ति से मात्र 10 महीने दूर था। टेम्बा आश्रम से पहले, वह मुरबड के मोरोशी आश्रम स्कूल में कार्यरत था।

प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल

पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद गावली की नियुक्ति कैसे हुई। क्या बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में चूक हुई या जानबूझकर नियमों को दरकिनार किया गया? यह मामला सरकारी संस्थानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

Did You Know?: भारत में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के लिए 'पॉक्सो' (POCSO) अधिनियम एक अत्यंत सख्त कानून है।

Frequently Asked Questions

1. आरोपी पर कौन सी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है?
आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

2. क्या आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड है?
हाँ, आरोपी 2024 में एक अन्य आश्रम स्कूल में यौन उत्पीड़न के मामले में शामिल था और जमानत पर था।