दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग अचानक ढह गई, जिससे 30 से 50 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। कुछ छात्र मलबे के नीचे से फोन कॉल कर मदद मांग रहे हैं।
- दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला 'Hostel Daze' पीजी इमारत ढही।
- 30 से 50 छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका, कुछ छात्र फोन से मदद मांग रहे हैं।
- स्थानीय निवासियों ने बताया कि बेसमेंट में निर्माण कार्य और कमजोर नींव हादसे का कारण हो सकती है।
- बचाव दल और फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर तैनात हैं।
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के छात्र बहुल इलाके सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक भीषण हादसा हुआ। यहाँ स्थित पांच मंजिला पीजी इमारत, जिसका नाम 'Hostel Daze' बताया जा रहा है, अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे के नीचे दर्जनों छात्र दबे हुए हैं और कुछ छात्र मलबे के नीचे से फोन कॉल के जरिए मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं।
हादसे के वक्त इमारत में करीब 30 से 50 छात्र मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब इमारत गिरी, तो ऐसा लगा जैसे कोई भूकंप आया हो। स्थानीय निवासी और पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने हाथों से मलबा हटाकर छात्रों को निकालने की कोशिश करने लगे। बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने भी घटनास्थल का दौरा किया और पुष्टि की कि कई लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित ये पीजी (Paying Guest) आवास छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से एक 'टाइम बम' बन चुके हैं। अत्यधिक भीड़, अवैध निर्माण और रखरखाव के अभाव में ये इमारतें किसी भी समय बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती हैं।
"मलबे के नीचे से आ रही कॉलें इस बात का प्रमाण हैं कि हादसा कितना अचानक और भयावह था; बचाव कार्य के लिए हर सेकंड कीमती है।"
स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। एक निवासी, प्रियंका ने बताया कि यह इमारत 20 साल से अधिक पुरानी है और इसमें कभी कोई रखरखाव (maintenance) नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश मकान मालिक यहाँ नहीं रहते और केवल ऑनलाइन किराया वसूलने के लिए इन संपत्तियों को पीजी के रूप में संचालित कर रहे हैं।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था और वहां पानी का जमाव भी देखा गया था। स्थानीय निवासी राजन छेत्री के अनुसार, इमारत की नींव बेहद कमजोर थी। यह हादसा उन सभी इमारतों पर सवाल उठाता है जो आवासीय क्षेत्रों में पांच या छह मंजिला ऊंची बना दी गई हैं, जबकि उनकी संरचनात्मक मजबूती की कोई गारंटी नहीं है।
Frequently Asked Questions
1. हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा रविवार दोपहर दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 'Hostel Daze' नामक पीजी बिल्डिंग में हुआ।
2. कितने छात्र फंसे हो सकते हैं?
अनुमान के मुताबिक 30 से 50 छात्र मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।