केरल का एक शातिर जालसाज सैम एंटनी, जिसने तीन दशकों तक कई फर्जी पहचानों के साथ करोड़ों की ठगी की, आखिरकार मंगलुरु पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।
- सैम एंटनी ने 1997 से विभिन्न राज्यों में 17 से अधिक मामले दर्ज कराए।
- वह खुद को NIA और RAW जैसे बड़े जांच अधिकारियों के रूप में पेश करता था।
- उसने फर्जी NCIB अधिकारी बनकर व्यापारियों से करोड़ों रुपये ऐंठे।
- मंगलुरु पुलिस ने उसे केरल के कन्नूर से गिरफ्तार किया।
भारतीय अपराध जगत में एक ऐसा नाम जिसने दशकों तक कानून की आंखों में धूल झोंकी, वह अब सलाखों के पीछे है। सैम एंटनी (उर्फ सैम पीटर), एक एमबीए स्नातक, जिसने अपनी बुद्धिमत्ता और चालाकी का उपयोग अपराध के लिए किया, आखिरकार पकड़ा गया है। लगभग 30 वर्षों तक, वह सैम पीटर, राहुल पीटर, डैनी थराक्कन, राजेश रॉबिन्सन और एंथनी फ्रांसिस जैसे पांच अलग-अलग नामों से दुनिया के सामने रहा।
पुलिस के अनुसार, एंटनी केवल नाम ही नहीं बदलता था, बल्कि वह अपनी पूरी पहचान ही बदल देता था। कभी वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बनकर सामने आता, तो कभी खुद को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का एजेंट बताता। उसके पास फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड का पूरा भंडार था, जो उसकी हर नई पहचान को पुख्ता करते थे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक साधारण धोखाधड़ी का नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे एक व्यक्ति हमारी सुरक्षा एजेंसियों की साख का दुरुपयोग कर सकता है। एंटनी की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ और उसका प्रभावशाली व्यक्तित्व था, जिसने उसे समाज के उच्च वर्ग और व्यापारियों के बीच विश्वसनीय बना दिया।
"उसकी अंग्रेजी पर पकड़ और कानून का ज्ञान इतना जबरदस्त था कि महज 10 मिनट की बातचीत में वह किसी को भी यह विश्वास दिला सकता था कि वह किसी केंद्रीय एजेंसी का बड़ा अधिकारी है।" - मंगलोर ईस्ट पुलिस इंस्पेक्टर अनंत पद्मनाभ।
एंटनी की कार्यप्रणाली किसी बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल 26' की तरह थी। वह उन व्यापारियों को निशाना बनाता था जो बैंक धोखाधड़ी, टैक्स विवाद या केंद्रीय एजेंसियों के साथ कानूनी उलझनों में फंसे होते थे। वह खुद को NCIB (National Crime Investigation Bureau) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर उनके मामलों को रफा-दफा करने का झांसा देता था और बदले में भारी रिश्वत मांगता था।
एक प्रमुख उदाहरण 2018 का है, जब उसने अब्दुल शरीफ नामक व्यवसायी से उसके भाई के कस्टम मामले को सुलझाने के नाम पर 1.13 करोड़ रुपये की वसूली की। उसने फर्जी लेटरहेड, जाली टेक्स्ट मैसेज और फर्जी छापेमारी के वीडियो का उपयोग करके अपने खेल को असली दिखाने में महारत हासिल कर ली थी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सैम एंटनी ने किन एजेंसियों का रूप धारण किया था?
उत्तर: उसने मुख्य रूप से NIA, RAW और NCIB के अधिकारी होने का ढोंग किया।
प्रश्न 2: उसे कब और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: उसे मंगलुरु पुलिस द्वारा केरल के कन्नूर से गिरफ्तार किया गया।