आंध्र प्रदेश में एक 30 वर्षीय व्यक्ति को मोटरसाइकिल भुगतान विवाद के बाद अगवा किया गया, प्रताड़ित किया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास के तहत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
- एक 30 वर्षीय व्यक्ति को अगवा कर रात भर मैकेनिक शेड में कैद रखा गया।
- पीड़ित को रामचन्द्र राजुपेटा की सड़कों पर बिना शर्ट के, गले में रस्सी बांधकर घुमाया गया।
- यह घटना मोटरसाइकिल खरीद से जुड़े ₹30,000 के भुगतान विवाद के कारण हुई।
- एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और बीएनएस के तहत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आंध्र प्रदेश के विजियानागरम जिले के भोगपुरम मंडल में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां येल्ला राजेश नामक एक 30 वर्षीय व्यक्ति को भीषण प्रताड़ना और सार्वजनिक अपमान का शिकार बनाया गया। आरोप है कि ₹30,000 के वित्तीय विवाद को लेकर राजेश को अगवा किया गया, रात भर कैद रखा गया और अंत में गले में फंदा डालकर बिना शर्ट के सड़कों पर घुमाया गया।
इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब राजेश ने स्थानीय मैकेनिक वी. महेश से ₹25,000 में एक मोटरसाइकिल खरीदने की बात मानी। ट्रायल रन के दौरान, राजेश की टक्कर एक पुलिस कांस्टेबल की कार से हो गई। महेश के भाई ने मरम्मत के लिए ₹5,000 का भुगतान किया, जिससे राजेश पर कुल बकाया राशि ₹30,000 हो गई। पुलिस के अनुसार, राजेश पिछले कुछ दिनों से भुगतान करने से बच रहा था, जिसके बाद आरोपियों ने यह खौफनाक कदम उठाया।
5 सितंबर की रात को, महेश और उसके सहयोगी एल. श्रीराम ने राजेश को रास्ते में रोका और जबरन एक मैकेनिक शेड में ले जाकर कैद कर लिया। वहां उसे बुरी तरह पीटा गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने पैसे की मांग करते हुए उसे जान से मारने की कोशिश भी की।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक वित्तीय विवाद नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और जाति-आधारित आक्रामकता का प्रदर्शन है। फंदे का उपयोग—जो ऐतिहासिक रूप से दमन का प्रतीक रहा है—और पीड़ित को निर्वस्त्र करना यह दर्शाता है कि आरोपियों का उद्देश्य सामाजिक पदानुक्रम के आधार पर व्यक्ति को अमानवीय बनाना और डराना था।
"सार्वजनिक रूप से घुमाना और फंदे का उपयोग करना हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर प्रभुत्व जमाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डराने-धमकाने के पुराने तरीके हैं, जिसके लिए सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।"
इस क्रूरता का खुलासा रविवार शाम को हुआ जब घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में राजेश को दो लेन वाली सड़क पर बिना शर्ट के चलते देखा जा सकता है, जिसके गले में रस्सी बंधी है और रस्सी का दूसरा सिरा एक स्कूटर सवार ने पकड़ रखा है। बाद में, एक व्यक्ति उसे पैदल खींचते हुए दिखाई देता है।
विजियानागरम के पुलिस अधीक्षक ए.आर. दामोदर ने स्वयं मौके का दौरा किया, पीड़ित से बात की और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके परिणामस्वरूप, भोगपुरम (ग्रामीण) सर्कल इंस्पेक्टर एन. श्रीनिवास राव ने पांच संदिग्धों: वी. महेश, एल. श्रीराम, बी. वेंकट राव, एन. गोविंद और वी. अप्पाराव के खिलाफ मामला दर्ज किया।
आरोपियों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: येल्ला राजेश के साथ मारपीट का मुख्य कारण क्या था?
मारपीट का मुख्य कारण ₹30,000 का विवाद था, जो मोटरसाइकिल की खरीद और ट्रायल रन के दौरान हुई दुर्घटना की मरम्मत लागत से जुड़ा था।
प्रश्न 2: दोषियों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?
पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर एससी/एसटी एक्ट और बीएनएस के तहत अपहरण और हत्या के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं।