राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक अनोखे मामले में ट्रेडमिल मोटर के अंदर छिपाकर लाए गए ₹1.10 करोड़ के सोने का पता लगाया है। इस सिंडिकेट का संचालन चीनी नागरिकों द्वारा भारतीय सहयोगियों की मदद से किया जा रहा था।

  • ट्रेडमिल मोटर से ₹1.10 करोड़ मूल्य का 692 ग्राम 24 कैरेट सोना बरामद।
  • चीनी नागरिकों द्वारा संचालित सिंडिकेट, जिसने भारतीय फर्म के आयात लाइसेंस का उपयोग किया।
  • DRI द्वारा ट्रेडमिल के माध्यम से सोने की तस्करी का यह पहला मामला।
  • मुंबई में गिरफ्तारियां, चेन्नई और तिरुवल्लुर में छापेमारी।

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 3 सितंबर से 6 सितंबर, 2026 के बीच एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सोने तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। मुंबई के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में हांगकांग से आयात किए गए ट्रेडमिल की खेप की जांच के दौरान, अधिकारियों को एक मोटर के अंदर लगभग 692 ग्राम का 24 कैरेट सोने का बार मिला, जिसकी कीमत ₹1.10 करोड़ आंकी गई है।

यह मामला इसलिए विशेष है क्योंकि DRI के अनुसार, यह पहली बार है जब सोने को ट्रेडमिल जैसे फिटनेस उपकरण के अंदर छिपाकर तस्करी करने की कोशिश की गई। इससे पहले तस्कर अन्य वाणिज्यिक सामानों का उपयोग करते थे, लेकिन यह नया तरीका सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाने वाला है।

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तस्कर अब केवल भौतिक रूप से सोने को छिपाने पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक खामियों का फायदा उठाने पर ध्यान दे रहे हैं। एक वैध भारतीय फर्म के 'इंपोर्ट एक्सपोर्ट कोड' (IEC) और लाइसेंस का उपयोग करना यह दर्शाता है कि सिंडिकेट अब व्यापारिक कानूनी ढांचे की आड़ में अपना काला कारोबार चला रहे हैं।

पारंपरिक सामानों से हटकर औद्योगिक मशीनों का उपयोग करना यह साबित करता है कि तस्करी के तरीके अब अधिक पेशेवर और जोखिम भरे हो गए हैं।

जांच में सामने आया है कि भारतीय आयात फर्म के मालिक ने कमीशन के बदले सिंडिकेट को अपना IEC और आयात लाइसेंस उपलब्ध कराया था। उसे इस बात की पूरी जानकारी थी कि यह खेप अवैध है। इस मामले में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत एक चीनी नागरिक और भारतीय फर्म के मालिक को गिरफ्तार किया गया है।

इस बड़ी बरामदगी के बाद, DRI की टीमों ने मुंबई, चेन्नई, तिरुवल्लुर और चेंगलपट्टु में कई स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों का लक्ष्य इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करना और मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचना है, जो अभी भी फरार है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत में सोने की तस्करी अक्सर आयात शुल्क (Import Duty) में वृद्धि के बाद बढ़ जाती है। जब सरकार टैक्स बढ़ाती है, तो तस्कर नए और जटिल तरीके खोजते हैं, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य पदार्थों और अब जिम उपकरणों का उपयोग करना।

पहलूपारंपरिक तस्करीआधुनिक सिंडिकेट तरीका
छिपाने का तरीकासामान/कपड़ेऔद्योगिक मशीनरी (ट्रेडमिल)
दस्तावेजफर्जी पासपोर्ट/नकदवैध IEC और आयात लाइसेंस
नेटवर्कव्यक्तिगत कूरियरकॉर्पोरेट समर्थित सिंडिकेट
क्या आप जानते हैं?: भारत दुनिया के सबसे बड़े सोने के उपभोक्ताओं में से एक है, यही कारण है कि टैक्स बचाने के लिए तस्करी एक अत्यधिक लाभदायक व्यवसाय बन जाता है।

प्रश्न 1: ट्रेडमिल में सोने का पता कैसे चला?
DRI को विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद हांगकांग से आई खेप की गहन जांच की गई और मोटर के अंदर चाप के आकार का सोने का बार मिला।

प्रश्न 2: अब तक किसे गिरफ्तार किया गया है?
एक चीनी नागरिक और भारतीय आयात कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया गया है।