उप्पल ज़ोन की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने एक ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 12 किलोग्राम कीमती हशीश ऑयल जब्त किया है। कुशैगुडा में एक सोची-समझी छापेमारी के दौरान तीन संदिग्धों को पकड़ा गया।
- हैदराबाद पुलिस ने ₹1.5 करोड़ मूल्य का 12 किग्रा हशीश ऑयल जब्त किया।
- कुशैगुडा में तीन संदिग्ध गिरफ्तार; दो मुख्य समन्वयक अभी भी फरार।
- नशीले पदार्थों की तस्करी आंध्र प्रदेश से हैदराबाद की जा रही थी।
तेलंगाना में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता में, उप्पल ज़ोन की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) ने कुशैगुडा पुलिस के समन्वय से हशीश ऑयल की एक बड़ी खेप पकड़ी है। इस ऑपरेशन में लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य का 12 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किया गया और तीन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई 7 सितंबर को एक सटीक खुफिया सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन व्यक्ति नशीले पदार्थों की खेप लेकर कुशैगुडा की नगरजुना नगर कॉलोनी के रोड नंबर 5 के पास दोपहर 3:30 से 4:00 बजे के बीच पहुंचेंगे। पुलिस ने मौके पर निगरानी रखी और शाम करीब 4 बजे, तीन संदिग्धों को बैंगनी रंग के बैग के साथ देखा, जिन्हें डिलीवरी से पहले ही दबोच लिया गया।
बैग की तलाशी लेने पर उसमें काले रंग के तैलीय पदार्थ के आठ पैकेट मिले, जिनमें से तीखी गंध आ रही थी। जांच में पुष्टि हुई कि यह 12 किलोग्राम हशीश ऑयल था। पुलिस ने ड्रग्स के साथ तीन मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल किया गया बैग भी जब्त किया है।
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ड्रग कार्टेल अब संदेह से बचने के लिए ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों जैसे सामान्य पेशों वाले लोगों का उपयोग कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश के नरसापट्टनम-चिंतापल्ली क्षेत्र से हैदराबाद तक का यह रूट संकेत देता है कि शहर में उच्च गुणवत्ता वाले नशीले पदार्थों की मांग बढ़ रही है और इसके लिए एक संगठित सप्लाई चेन काम कर रही है।
"ठोस गांजे के बजाय हशीश ऑयल का उपयोग यह दर्शाता है कि तस्कर अब अधिक शक्तिशाली और आसानी से छिपाए जा सकने वाले पदार्थों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे पुलिस के लिए इन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया है।"
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान बोनंगी हरिचंद्र प्रसाद (30, ऑटो चालक), सैयद रजा इमाम (49, फास्ट फूड व्यवसायी) और सीरम गंगाधर (40, टैक्सी चालक) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि ये तीनों केवल कूरियर का काम कर रहे थे। हरिचंद्र प्रसाद को उसके चचेरे भाई मार्क (उर्फ ऋषि) और एक समन्वयक विजय ने इस खेप को ECIL क्षेत्र में पहुंचाने का निर्देश दिया था।
फिलहाल, मुख्य सप्लायर मार्क और समन्वयक विजय फरार हैं। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर उनकी तलाश शुरू कर दी है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
प्रश्न 1: हशीश ऑयल कहाँ से लाया जा रहा था?
यह खेप आंध्र प्रदेश के नरसापट्टनम-चिंतापल्ली क्षेत्र से लाई जा रही थी।
प्रश्न 2: इस मामले में कौन फरार है?
मुख्य सप्लायर मार्क (उर्फ ऋषि) और समन्वयक विजय अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।