पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि केवल विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस होना भारत में वाहन चलाने का अधिकार नहीं देता। अदालत ने एक व्यक्ति को 9 महीने की बच्ची की मौत के मामले में 2.49 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
- विदेशी घरेलू ड्राइविंग लाइसेंस भारत में स्वतः मान्य नहीं होते।
- अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (IDP) या भारतीय प्राधिकरण का अनुमोदन अनिवार्य है।
- बीमा कंपनियां अवैध लाइसेंस के मामले में मुआवजे की वसूली चालक/मालिक से कर सकती हैं।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए एक व्यक्ति की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने 2015 में हुई एक सड़क दुर्घटना के मुआवजे की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की थी। इस दुखद हादसे में एक नौ महीने की मासूम बच्ची की जान चली गई थी, जब एक कार ने उस मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी जिस पर वह सवार थी।
न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने अदालत में स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस भारत में वाहन चलाने का कानूनी अधिकार प्रदान नहीं करता। अदालत ने पाया कि आरोपी व्यक्ति के पास न तो कोई अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (International Driving Permit) था और न ही किसी भारतीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा जारी कोई वैध दस्तावेज।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह फैसला प्रवासी भारतीयों (NRIs) और विदेशी पर्यटकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि उनके देश का लाइसेंस वैश्विक स्तर पर मान्य है, लेकिन भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के तहत विशिष्ट दस्तावेजीकरण आवश्यक है। यह कानूनी स्पष्टता बीमा दावों और सड़क सुरक्षा जवाबदेही के बीच के अंतर को रेखांकित करती है।
"विदेशी लाइसेंस केवल उस देश की सीमाओं के भीतर वैध होता है जहाँ से वह जारी किया गया है; भारत में ड्राइविंग के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन अनिवार्य है।"
मामले की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो, अगस्त 2015 में हुई इस दुर्घटना के बाद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने 2016 में 2.49 लाख रुपये के मुआवजे का आदेश दिया था। कोर्ट ने निर्देश दिया कि बीमा कंपनी पहले पीड़ित परिवार को भुगतान करे और बाद में इस राशि को चालक और कार मालिक से वसूल करे।
प्रतिवादी ने तर्क दिया कि वह दुर्घटना के समय कार नहीं चला रहा था और उसका ऑस्ट्रेलियाई लाइसेंस वैध था। हालांकि, गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आपराधिक मामले में बरी होना नागरिक मुआवजे (Civil Compensation) की देनदारी को खत्म नहीं करता है।
| दस्तावेज़ | भारत में वैधता | शर्तें |
|---|---|---|
| घरेलू विदेशी लाइसेंस | अमान्य | बिना IDP के मान्य नहीं |
| अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (IDP) | मान्य | मूल लाइसेंस के साथ होना चाहिए |
| भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस | पूर्ण मान्य | आरटीओ द्वारा जारी |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या विदेशी लाइसेंस धारक भारत में गाड़ी चला सकते हैं?
उत्तर: हाँ, लेकिन केवल तभी जब उनके पास एक वैध अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (IDP) हो या उनके लाइसेंस को भारतीय अधिकारियों द्वारा मान्यता दी गई हो।
प्रश्न 2: यदि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं है, तो बीमा कंपनी क्या करती है?
उत्तर: बीमा कंपनी पहले पीड़ित को मुआवजा देती है, लेकिन बाद में 'रिकवरी राइट्स' के तहत वह पूरी राशि चालक या वाहन मालिक से वसूल कर सकती है।