दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में सात लोगों की जान लेने वाली इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने पीजी ऑपरेटर और लेबर कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया है। जांच में अवैध निर्माण और घोर लापरवाही का खुलासा हुआ है।

  • सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत और कई घायल।
  • पीजी ऑपरेटर सुधांशु लवनीश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
  • बेसमेंट में मलबा भरने और दीवार हटाने के कारण इमारत ढही।
  • इमारत की जर्जर स्थिति के कारण इसे कम किराए पर लीज पर लिया गया था।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को एक स्थानीय अदालत ने पीजी ऑपरेटर सुधांशु लवनीश (31) और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार (35) को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस हादसे में कम से कम सात लोगों की जान चली गई थी।

दक्षिण-पश्चिम जिला डीसीपी अमित गोयल के अनुसार, यह हादसा कोई संयोग नहीं बल्कि लापरवाही का नतीजा था। जांच में पता चला कि बिल्डिंग मैनेजर महेश गुप्ता ने हादसे से 10 दिन पहले सनोज कुमार को नवीनीकरण (renovation) के काम के लिए रखा था। इस काम के तहत बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने के लिए उसमें लगभग तीन ट्रक मलबा भरा गया था।

हादसे वाले दिन, ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण दीवार को हटा दिया गया। पहले से ही जर्जर हो चुकी इमारत इस अतिरिक्त भार और दीवार हटने के दबाव को नहीं झेल सकी और पूरी तरह ढह गई।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना शहरी भवन सुरक्षा में एक बड़ी विफलता को दर्शाती है। दिल्ली के छात्र क्षेत्रों में बिना किसी सुरक्षा ऑडिट के जर्जर इमारतों को पीजी (PG) में बदलना एक खतरनाक चलन बन गया है। यह तथ्य कि इमारत को उसकी 'जर्जर स्थिति' के कारण कम किराए पर लिया गया था, यह साबित करता है कि मुनाफे के लिए मानवीय जीवन को जोखिम में डाला गया।

"पुराने ढांचों में बिना पेशेवर इंजीनियरिंग सलाह के लोड-बेयरिंग दीवारों को हटाना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देना है।"

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि लवनीश और उसका साथी शुभम त्यागी 2022 से 'Hostel Daze' के नाम से इस क्षेत्र में पीजी चला रहे हैं। उनके पास इस इलाके में कुल सात पीजी हैं। उन्होंने अगस्त 2025 में इस इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रति माह पर लीज पर ली थीं। फिलहाल पुलिस शुभम त्यागी की तलाश कर रही है।

यह संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम पर दर्ज है, जबकि उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता इसका प्रबंधन कर रहे थे। घटना के बाद गुप्ता परिवार डर के मारे भिवाड़ी, राजस्थान भाग गया था, जहां से पुलिस ने सोमवार को उन्हें गिरफ्तार किया।

व्यक्ति/संस्था घटना में भूमिका कानूनी स्थिति
सुधांशु लवनीश पीजी ऑपरेटर (Hostel Daze) पुलिस हिरासत
सनोज कुमार लेबर कॉन्ट्रैक्टर पुलिस हिरासत
महेश गुप्ता बिल्डिंग मैनेजर गिरफ्तार
शुभम त्यागी बिजनेस पार्टनर फरार
क्या आप जानते हैं?: सत्य निकेतन दिल्ली के सबसे घने छात्र क्षेत्रों में से एक है, जहां विश्वविद्यालयों की निकटता के कारण बिना किसी नियम के पीजी आवासों की बाढ़ आ गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमारत गिरने का मुख्य कारण क्या था?
मुख्य कारण बेसमेंट में भारी मलबा भरना और ग्राउंड फ्लोर की एक लोड-बेयरिंग दीवार को हटाना था।

इमारत का प्रबंधन कौन कर रहा था?
इमारत का प्रबंधन महेश गुप्ता अपने माता-पिता उर्मिला और हरिराम गुप्ता की ओर से कर रहे थे।