तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक 28 वर्षीय युवक ने पुलिस पर अपहरण और बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसे चोरी के मामले में पूछताछ के लिए उठाकर लाठियों से पीटा गया।
- 28 वर्षीय आर. एंटनी ने आधी रात को पुलिस द्वारा अपहरण किए जाने का आरोप लगाया है।
- पीड़ित का दावा है कि उसे चर्च परिसर और पुलिस स्टेशन के पास एक पुरानी इमारत में पीटा गया।
- 'पीपल्स वॉच' नामक मानवाधिकार संगठन ने हस्तक्षेप कर उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
- तिरुनेलवेली एसपी ने इस बात से इनकार किया कि संदिग्ध को आधिकारिक तौर पर थाने लाया गया था।
हिरासत में हिंसा की एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चेरनमहादेवी के पास वल्लाथु नम्बिकुलम के निवासी आर. एंटनी (28 वर्ष) ने स्थानीय पुलिस पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, मंगलवार आधी रात को दो पुलिसकर्मी—एक वर्दी में और दूसरा सादे कपड़ों में—उसके घर पहुंचे और उसे गहनों की चोरी के मामले में पूछताछ के लिए साथ ले गए।
श्री एंटनी ने बताया कि उन्हें पहले घर पर पीटा गया और फिर सेंट माइकल्स चर्च परिसर ले जाया गया। प्रताड़ना यहीं नहीं रुकी; उन्हें वीरवनल्लुर पुलिस स्टेशन के पीछे एक पुरानी इमारत में ले जाया गया, जहाँ लगभग 30 मिनट तक लाठियों से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। सुबह 3:30 बजे उन्हें वापस घर छोड़ दिया गया और बुधवार सुबह 10 बजे गांव के मुखिया के साथ थाने आने को कहा गया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 'थर्ड-डिग्री' पूछताछ के पुराने और अवैध तरीकों के उपयोग को उजागर करती है। चूंकि पीड़ित एक अनाथ है, इसलिए वह इस तरह के प्रणालीगत शोषण के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया, क्योंकि उसके पास शुरुआती हिरासत के दौरान अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए कोई मजबूत पारिवारिक समर्थन नहीं था।
हिरासत में प्रताड़ना मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और संदिग्धों के साथ व्यवहार के संबंध में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
इस मामले में मानवाधिकार संगठन 'पीपल्स वॉच' की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। एक स्थानीय महिला द्वारा सूचित किए जाने के बाद, राज्य समन्वयक आई. असेरवथम ने श्री एंटनी को तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज अस्पताल (TVMCH) में भर्ती कराने की व्यवस्था की। यह भी सामने आया कि पीड़ित के भाई-बहन पास में रहने के बावजूद उसकी सुध नहीं ले रहे थे।
दूसरी ओर, पुलिस ने विरोधाभासी बयान दिया है। पुलिस का दावा है कि आर. एंटनी चेरनमहादेवी और अन्य क्षेत्रों में कई चोरियों में शामिल रहा है। हालांकि, पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वेश बालासुब्रमण्यम शास्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि संदिग्ध को किसी भी पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन नहीं लाया गया था।
एसपी शास्त्री ने कहा कि विभाग पीड़ित का बयान दर्ज करेगा ताकि पुलिस के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उसके खिलाफ मौजूद आपराधिक मामलों की सच्चाई का पता लगाया जा सके। अक्सर पुलिस 'आधिकारिक हिरासत' से इनकार करती है ताकि अवैध हिरासत के आरोपों से बचा जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस मामले में पीड़ित कौन है?
पीड़ित आर. एंटनी है, जो तिरुनेलवेली जिले के वल्लाथु नम्बिकुलम का रहने वाला एक 28 वर्षीय युवक है।
प्रश्न 2: इन आरोपों पर पुलिस की क्या प्रतिक्रिया है?
एसपी विश्वेश बालासुब्रमण्यम शास्त्री ने कहा कि संदिग्ध को थाने नहीं लाया गया था और आरोपों की सत्यता जानने के लिए जांच की जाएगी।