तेलंगाना की ईगल फोर्स और निजामाबाद पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹3.02 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। यह संपत्ति अल्प्राजोलम तस्करी के जरिए कमाई गई अवैध आय से अर्जित की गई थी।

  • ₹3.02 करोड़ की बाजार मूल्य वाली संपत्तियां जब्त, जिसमें कृषि भूमि और आवासीय घर शामिल हैं।
  • राजस्थान और महाराष्ट्र तक फैला एक बड़ा अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट उजागर।
  • मुख्य आरोपी गंधम श्रीनिवास गौड़ का साल 2016 से तस्करी में शामिल होने का पता चला।

तेलंगाना की ईगल फोर्स और निजामाबाद ग्रामीण पुलिस ने एक व्यापक जांच के बाद अल्प्राजोलम तस्करी से अर्जित की गई लगभग ₹3.02 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की धारा 68(F) के तहत की गई है, जिसे चेन्नई स्थित सक्षम प्राधिकारी द्वारा मंजूरी दी गई थी।

जब्त की गई संपत्तियों में 4.20 एकड़ कृषि भूमि, 667.15 वर्ग गज के खुले प्लॉट, एक आवासीय घर, एक चार पहिया वाहन और एक दो पहिया वाहन शामिल है। हालांकि सरकारी दरों के अनुसार इनका मूल्य ₹52 लाख आंका गया था, लेकिन मौजूदा बाजार मूल्य ₹3.02 करोड़ के करीब है।

तस्करी का जाल और गिरफ्तारियां

यह वित्तीय जांच गंधम श्रीनिवास गौड़, बोटलाकुंटा कतमाय्या गौड़ और माले अनिल गौड़ सहित चार व्यक्तियों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। पुलिस ने इनके पास से 1.087 किलोग्राम अल्प्राजोलम, ₹3.5 लाख नकद, दो कारें और पांच मोबाइल फोन बरामद किए थे।

जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क केवल तेलंगाना तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका विस्तार राजस्थान और महाराष्ट्र तक था। राजस्थान के रतन सिंह की पहचान इस सिंडिकेट के मुख्य सूत्रधार के रूप में हुई है, जो अल्प्राजोलम के निर्माण, खरीद और वितरण का प्रबंधन करता था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ड्रग माफिया अब केवल नशीले पदार्थों की बिक्री पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे अपने 'ब्लैक मनी' को रियल एस्टेट और अन्य अचल संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं। ईगल फोर्स द्वारा संपत्तियों की कुर्की यह संकेत देती है कि अब कानून प्रवर्तन एजेंसियां केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति अपना रही हैं।

नशीले पदार्थों के व्यापार को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका केवल आपूर्ति श्रृंखला को काटना नहीं, बल्कि उस वित्तीय लाभ को समाप्त करना है जो इस अपराध को संचालित करता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और मनी ट्रेल

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी श्रीनिवास गौड़ की गतिविधियां 2016 से जारी थीं। उस समय अरमूर एक्साइज पुलिस ने 2 किलो अल्प्राजोलम और 30 किलो क्लोरल हाइड्रेट जब्त किया था। 2017, 2018 और 2022 में भी इसी तरह की बड़ी बरामदगी हुई थी। 2022 में निर्मल एक्साइज पुलिस ने उसके खिलाफ निवारक हिरासत अधिनियम (Preventive Detention Act) लागू किया था, जिसके बाद उसे चेरलापल्ली जेल में रखा गया था।

वर्तमान जांच में पुलिस ने राजस्व पासबुक, सेल डीड, संपत्ति कर रसीदों और पंजीकरण प्रमाणपत्रों का गहन विश्लेषण किया ताकि यह साबित किया जा सके कि ये संपत्तियां ड्रग तस्करी के पैसों से खरीदी गई थीं।

विवरण सरकारी दर (Govt Rate) बाजार मूल्य (Market Value)
कुल संपत्ति मूल्य ₹52 लाख ₹3.02 करोड़
क्या आप जानते हैं?: अल्प्राजोलम एक बेंजोडायजेपाइन दवा है जिसका उपयोग चिंता और पैनिक अटैक के इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इसका उपयोग अत्यधिक खतरनाक और अवैध है।

Frequently Asked Questions

1. ईगल फोर्स क्या है?
ईगल फोर्स तेलंगाना पुलिस की एक विशेष इकाई है जो राज्य में संगठित अपराध और ड्रग तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए तैनात है।

2. NDPS अधिनियम की धारा 68(F) क्या है?
यह धारा अधिकारियों को उन संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार देती है जो नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित की गई हों।