केरल आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने मलप्पुरम के रहने वाले मोहम्मद सानूफ को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित की बेटी के वीडियो पर किए गए एक आपत्तिजनक कमेंट की जांच के बाद शुरू हुई, जिसने एक बड़े राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
- मोहम्मद सानूफ को सऊदी अरब से लौटने पर करीपुर हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था।
- शुरुआती जांच पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित की बेटी के वीडियो पर किए गए एक आपत्तिजनक कमेंट से शुरू हुई थी।
- एटीएस की जांच में सिग्नल ऐप पर सक्रिय एक राष्ट्रव्यापी देशविरोधी साजिश समूह का पता चला है।
केरल आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने देश के खिलाफ साजिश रचने और राष्ट्रविरोधी समूहों से संबंध रखने के आरोप में मलप्पुरम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय मोहम्मद सानूफ के रूप में हुई है, जो मलप्पुरम जिले के ऐकरप्पडी का निवासी है। सानूफ को इस साल जुलाई में सऊदी अरब से लौटने पर करीपुर हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था।
यह मामला पिछले साल तब शुरू हुआ जब इदुक्की जिले की मुट्टम पुलिस ने सानूफ के खिलाफ एक सोशल मीडिया वीडियो पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। यह वीडियो कोच्चि निवासी एन रामचंद्रन की बेटी का था, जो पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए थे। जांच के दौरान जब सानूफ के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच की गई, तो उसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) लागू कर दिया।
केरल एटीएस के सूत्रों के अनुसार, सानूफ के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों से पता चला है कि वह सिग्नल (Signal) मैसेजिंग ऐप पर एक बेहद गोपनीय समूह का हिस्सा था। यह समूह कथित तौर पर पूरे भारत में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। इस सबूत के आधार पर एटीएस ने पिछले महीने सानूफ और समूह के अन्य सदस्यों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि कैसे डिजिटल स्पेस अब केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए भर्ती और साजिश रचने का एक सुरक्षित अड्डा बनता जा रहा है। एक सामान्य सोशल मीडिया कमेंट की जांच से शुरू होकर एक बड़े देशव्यापी आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश होना यह दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियों की डिजिटल निगरानी कितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है। यह मामला साबित करता है कि आधुनिक हाइब्रिड खतरे अब सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।
| विशेषता | प्रारंभिक मामला (इदुक्की पुलिस) | नया एटीएस मामला (ATS Case) |
|---|---|---|
| मुख्य कारण | सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी | राष्ट्रव्यापी साजिश समूह का पर्दाफाश |
| मुख्य धाराएं | स्थानीय साइबर अपराध धाराएं | BNS 148, 149 और UAPA 18, 18B |
| दायरा | व्यक्तिगत साइबर अपराध | अखिल भारतीय राष्ट्रविरोधी नेटवर्क |
एटीएस ने इस नए मामले में सानूफ के अलावा कई अन्य संदिग्धों को भी आरोपी बनाया है। इनमें अजहरी कुरैशी, फैजान मोहम्मद, शाहीर, शोएब अहमद और इब्न अहमद शामिल हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां देश के विभिन्न हिस्सों से ताल्लुक रखने वाले इन आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
"आधुनिक आतंकवाद-विरोधी अभियान डिजिटल फोरेंसिक पर अत्यधिक निर्भर हैं; जो एक सामान्य साइबर-मानहानि के मामले के रूप में शुरू होता है, वह तेजी से एक जटिल आतंकी साजिश का पर्दाफाश कर सकता है।" - सुरक्षा विश्लेषक, बोज़ोकमीडिया।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश) और धारा 149 (युद्ध छेड़ने के इरादे से हथियार और रसद इकट्ठा करना) के साथ-साथ यूएपीए की धारा 18 (आतंकी कृत्य की साजिश) और 18B (आतंकी कृत्य के लिए भर्ती करना) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। सानूफ को एर्नाकुलम की अतिरिक्त जिला और सत्र अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 18 सितंबर तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है।
Frequently Asked Questions
1. मोहम्मद सानूफ को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया था?
शुरुआत में उसे पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसके फोन से राष्ट्रविरोधी समूहों से जुड़े होने के सबूत मिले।
2. क्या इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी शामिल है?
हां, केरल एटीएस ने इस मामले की संवेदनशीलता और देशव्यापी नेटवर्क को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी सूचित कर दिया है और वे मिलकर जांच कर रहे हैं।