आंध्र प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से चोरी हुए 120 स्मार्टफोन एक संयुक्त ऑपरेशन में बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने यात्रियों के लिए सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- आंध्र प्रदेश में लगभग 25 लाख रुपये मूल्य के 120 मोबाइल फोन बरामद।
- एलुरु, गुडीवाड़ा, मछलीपट्टनम और विजयवाड़ा स्टेशनों से फोन चोरी हुए थे।
- जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) द्वारा संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया।
- एक अलग ऑपरेशन में 19 लाख रुपये का गांजा जब्त और पांच लोग गिरफ्तार।
परिवहन अपराधों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 120 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन सफलतापूर्वक बरामद किए हैं। इन उपकरणों का कुल अनुमानित मूल्य 25 लाख रुपये है। ये फोन पिछले तीन वर्षों में आंध्र प्रदेश के एलुरु, गुडीवाड़ा, मछलीपट्टनम और विजयवाड़ा जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों से गायब हुए थे।
यह बरामदगी आईटी कोर टीम द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग तकनीक के रणनीतिक उपयोग से संभव हुई। रेलवे पुलिस के उप अधीक्षक (DSRP) आर.जी. जयसूर्या ने इंस्पेक्टर जे.वी. रमणा और एम.वी. दुर्गा राव के साथ गुरुवार को मीडिया के सामने बरामद हैंडसेट प्रदर्शित किए। उन्होंने बताया कि कैसे तकनीकी एकीकरण ने पुराने चोरी के मामलों को सुलझाने में मदद की।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ट्रेनों में उच्च-मूल्य वाले इलेक्ट्रॉनिक सामानों की चोरी में वृद्धि एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है। आरपीएफ और जीआरपी द्वारा तीन साल पुराने मामलों में फोन बरामद करना यह दर्शाता है कि पुलिस अब डेटा-संचालित जांच की ओर बढ़ रही है और रेलवे क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (RCRB) डिजिटल ट्रेल बनाए रखने में प्रभावी साबित हो रहा है।
"आईटी कोर टीमों का जमीनी पुलिस के साथ समन्वय हमें 'खोए हुए' उपकरणों को 'ट्रेस करने योग्य' संपत्तियों में बदलने की अनुमति देता है, जिससे यात्रियों के सामान की रिकवरी दर काफी बढ़ जाती है।"
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों की लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आरपीएफ इंस्पेक्टर फतेह अली बेग और के. मधुसूदन राव ने यात्रियों से अपील की है कि वे फोन को खिड़कियों के पास न रखें और रात के समय चार्जिंग के दौरान उन्हें लावारिस न छोड़ें। उन्होंने मजबूत लॉक और सुरक्षा सॉफ्टवेयर का उपयोग करने पर जोर दिया।
इसके अलावा, RCRB के सर्कल इंस्पेक्टर एम. अशोक ने सलाह दी कि चोरी होने की स्थिति में यात्री तुरंत 139 डायल करें या निकटतम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें। उन्होंने यूपीआई या मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए बैंक खातों को तुरंत फ्रीज करने की आवश्यकता पर बल दिया।
नशीले पदार्थों का रैकेट ध्वस्त
फोन बरामदगी के साथ-साथ, जीआरपी विजयवाड़ा और ईगल पुलिस ने एक ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। आईजी-रेलवे बी. राजा कुमारी और पुलिस अधीक्षक राहुल देव सिंह के निर्देशों पर छापेमारी की गई, जिसमें 19 लाख रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया गया। ओडिशा के प्रताप छतरिया, प्रमोद छतरिया, बिशिकेशन जानी और कर्नाटक के प्रकाश और योगेश को गिरफ्तार किया गया है। एक महिला आरोपी, तेजू, अभी भी फरार है।
| ऑपरेशन का प्रकार | बरामद वस्तुएं | अनुमानित मूल्य | प्रमुख स्थान |
|---|---|---|---|
| चोरी विरोधी | 120 मोबाइल फोन | ₹25 लाख | विजयवाड़ा, एलुरु, गुडीवाड़ा |
| नशीली दवा विरोधी | गांजा स्टॉक | ₹19 लाख | अंतर-राज्यीय पारगमन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: यदि ट्रेन में मेरा फोन चोरी हो जाए तो मुझे तुरंत क्या करना चाहिए?
तुरंत 139 डायल करें, निकटतम पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज करें और अपने बैंक से संपर्क कर जुड़े सभी खातों को फ्रीज करें।
प्रश्न 2: पुलिस ने उन फोन को कैसे बरामद किया जो सालों पहले खो गए थे?
आईटी कोर टीम ने उन्नत IMEI ट्रैकिंग और डिजिटल फोरेंसिक का उपयोग किया, जिससे फोन के मालिक बदलने के बाद भी उनकी लोकेशन का पता चल सका।