मंगळूरू पुलिस कमिश्नर सुदीर कुमार रेड्डी ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में 8,310 छात्रों में से 98 ने ड्रग परीक्षण में पॉज़िटिव पाया गया, लेकिन 75% ने अब नकारात्मक परीक्षण कर दिया है। यह सफलता माता‑पिता, कॉलेज प्रबंधन और सार्वजनिक सहयोग के साथ मिलकर कैाउंसिलिंग के कारण संभव हुई।
- 75% पॉज़िटिव छात्रों ने नकारात्मक परीक्षण प्राप्त किया
- कुल 8,310 छात्रों में से 98 ने प्रारंभिक पॉज़िटिव पाया गया
- बचे हुए 12 छात्रों को आगे कैउंसिलिंग का अनुसरण किया जा रहा है
पृष्ठभूमि
मंगळूरू के 150 कॉलेजों में शैक्षणिक वर्ष के प्रारम्भ में ड्रग परीक्षण का व्यापक अभियान चलाया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्र समुदाय में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना और शैक्षणिक वातावरण को स्वस्थ बनाना था। पुलिस, कॉलेज प्रबंधन और माता‑पिता ने मिलकर एक समन्वित कार्यक्रम तैयार किया, जिसमें परीक्षण, कैउंसिलिंग और पुनरावलोकन शामिल थे।
परिणाम और प्रक्रिया
सुदीर कुमार रेड्डी के अनुसार, 8,310 छात्रों का परीक्षण किया गया, जिनमें 98 ने पॉज़िटिव पाया गया। इन छात्रों को माता‑पिता और कॉलेज प्रबंधन के साथ मिलकर कैउंसिलिंग सत्रों में भेजा गया। 10 सितंबर को आयोजित फॉलो‑अप ड्राइव में, 50 पॉज़िटिव छात्रों ने फिर से परीक्षण कराया; इनमें से 38 ने नकारात्मक परिणाम दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे ड्रग सेवन बंद कर चुके हैं।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह सफलता न केवल मंगळूरू के शैक्षणिक संस्थानों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल भी प्रस्तुत करती है। 75% की सफलता दर यह दिखाती है कि सही सहयोग और निरंतर निगरानी से नशीली दवाओं की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
"सफलता का मूल कारण है पारिवारिक सहभागिता और निरंतर कैउंसिलिंग, जो छात्रों को पुनर्वास की दिशा में प्रेरित करता है," कहते हैं डॉ. रितेश कुमार, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ।
Did You Know?
Frequently Asked Questions
Q1: क्या यह कार्यक्रम केवल मंगळूरू में ही लागू है?
A1: नहीं, यह एक मॉडल है जिसे अन्य शहरों और राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।
Q2: आगे कैउंसिलिंग के लिए कौन जिम्मेदार है?
A2: कॉलेज प्रबंधन और पुलिस विभाग मिलकर उन 12 छात्रों के लिए अतिरिक्त समर्थन सुनिश्चित कर रहे हैं।