छात्रों की संख्या बढ़ाने और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद कड़यनल्लूर नगर पालिका ने ₹1.74 करोड़ की नाश्ता आपूर्ति निविदा रद्द कर दी है। यह निर्णय भोजन की गुणवत्ता और राजनीतिक प्रभाव के दावों के बाद लिया गया है।

  • कड़यनल्लूर नगर पालिका ने सरकारी स्कूलों में नाश्ता आपूर्ति की ऑनलाइन निविदा रद्द की।
  • छात्रों की संख्या 2,183 के बजाय 2,900 दिखाकर फंड बढ़ाने का आरोप।
  • भोजन की खराब गुणवत्ता और 'बेनामी' ठेकेदारों के प्रभाव पर उठे सवाल।

कड़यनल्लूर नगर पालिका ने 'पेरुन्थलइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए जारी ऑनलाइन निविदा को रद्द कर दिया है। नगर पालिका आयुक्त सोनिया ने सोमवार को घोषणा की कि 14 अगस्त को प्राप्त निविदाओं को अनियमितताओं की शिकायतों के बाद निरस्त कर दिया गया है।

इस पूरे विवाद की जड़ लाभार्थियों की संख्या में भारी अंतर है। सूत्रों के अनुसार, वास्तव में पात्र छात्रों की संख्या 2,183 है, जबकि निविदा 2,900 छात्रों के लिए जारी की गई थी। तीन साल की अवधि के लिए इस निविदा का कुल मूल्य ₹1.74 करोड़ था। जब यह विसंगति सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी, तब प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना स्थानीय शासन में मौजूद उन खामियों को उजागर करती है जहाँ जन कल्याणकारी योजनाओं का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता है। वास्तविक और रिपोर्ट किए गए छात्रों के बीच का अंतर सार्वजनिक धन की हेराफेरी के प्रयास को दर्शाता है।

यह भी खुलासा हुआ है कि पुलियांगुडी और कड़यनल्लूर नगर पालिकाओं में पहले के अनुबंध कथित तौर पर वरिष्ठ जन प्रतिनिधियों के 'बेनामी' लोगों को दिए गए थे। इसके परिणामस्वरूप बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई, जिसकी शिकायतें पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री वी. के. राजीव तक पहुँचीं, जो तेनकासी जिले के प्रभारी भी हैं।

"इस निविदा का रद्द होना यह याद दिलाता है कि डिजिटल पारदर्शिता तभी प्रभावी होती है जब जमीनी स्तर के आंकड़ों का कड़ाई से ऑडिट किया जाए।"

नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि नई और संशोधित निविदा जारी करने की तिथि जल्द ही अधिसूचित की जाएगी। इस कदम को सार्वजनिक विश्वास बहाल करने और यह सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है कि बच्चों के पोषण के साथ कोई समझौता न हो।

विवरणनिविदा आंकड़ावास्तविक आंकड़ा
छात्रों की संख्या2,9002,183
अनुमानित मूल्य₹1.74 करोड़संशोधित किया जाना है
क्या आप जानते हैं?: पेरुन्थलइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम तमिलनाडु में वंचित बच्चों के बीच कुपोषण को कम करने और स्कूल उपस्थिति बढ़ाने के लिए एक प्रमुख पहल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: निविदा क्यों रद्द की गई?
छात्रों की संख्या में विसंगति, भ्रष्टाचार के आरोपों और भोजन की खराब गुणवत्ता के कारण निविदा रद्द की गई।

प्रश्न 2: तेनकासी में सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी कौन कर रहा है?
तेनकासी जिले के प्रभारी मंत्री वी. के. राजीव इस मामले में हस्तक्षेप कर रहे हैं।