2026 की पहली छमाही में साइबर अपराधियों ने नए तरीकों का सहारा लेकर डिवाइस कोड फिशिंग और विशिंग (vishing) हमलों में जबरदस्त उछाल लाया है। हमलावर अब पारंपरिक सुरक्षा प्रणालियों को दरकिनार करने के लिए सामाजिक इंजीनियरिंग का उपयोग कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- डिवाइस कोड फिशिंग हमलों में 1,500% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
- वॉइस फिशिंग (Vishing) की दर में पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी वृद्धि हुई है।
- हमलावर अब ईमेल के बजाय मोबाइल और वॉयस कॉल के माध्यम से सुरक्षा घेरे को तोड़ रहे हैं।
- रूसी हैकर्स और 'Cozy Bear' जैसे समूह इन उन्नत तकनीकों का नेतृत्व कर रहे हैं।
साइबर सुरक्षा की दुनिया में एक खतरनाक बदलाव देखा जा रहा है। पारंपरिक ईमेल-आधारित फिशिंग, जो दशकों से सबसे बड़ा खतरा रही है, अब पीछे छूट रही है। CrowdStrike की नवीनतम '2026 थ्रेट हंटिंग रिपोर्ट' के अनुसार, साइबर अपराधी अब अधिक परिष्कृत और कम पहचान में आने वाली तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
डिवाइस कोड फिशिंग का विस्फोट
2026 की पहली छमाही में, डिवाइस कोड फिशिंग हमलों में 15 गुना (1,500%) की वृद्धि देखी गई है। यह तकनीक हमलावरों को क्लाउड पहचान (Cloud Identities) को आसानी से हैक करने में मदद करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक पहले केवल राज्य-प्रायोजित समूहों (जैसे रूसी समूह Storm-2372) तक सीमित थी, लेकिन अब यह सामान्य साइबर अपराधियों के बीच भी लोकप्रिय हो गई है।
क्यों यह चिंता का विषय है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ये हमले पारंपरिक सुरक्षा नियंत्रणों को दरकिनार करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। हमलावर वैध क्लाउड-आधारित होस्टिंग सेवाओं का उपयोग करते हैं, जिससे उन्हें पहचानना लगभग असंभव हो जाता है।
"आपको सिस्टम को हैक करने की ज़रूरत नहीं है, बस लॉग इन करना है।" - एडम मेयर्स, क्राउडस्ट्राइक।
विशिंग (Vishing): एक नया और अदृश्य खतरा
वॉइस फिशिंग या 'विशिंग' के मामलों में भी दोगुनी वृद्धि हुई है। हमलावर 'Cordial Spider' और 'Snarky Spider' जैसे समूहों के माध्यम से लोगों को कॉल करके या वॉयस मैसेज भेजकर उनके क्रेडेंशियल्स और MFA कोड चुरा रहे हैं। वे अक्सर मोबाइल उपकरणों को निशाना बनाते हैं क्योंकि अधिकांश सुरक्षा सॉफ़्टवेयर केवल लैपटॉप या डेस्कटॉप पर ही इंस्टॉल होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: डिवाइस कोड फिशिंग क्या है?
यह एक ऐसी तकनीक है जहाँ हमलावर उपयोगकर्ता को एक विशेष कोड का उपयोग करके अपने डिवाइस को अनधिकृत रूप से लॉगिन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रश्न 2: विशिंग से कैसे बचें?
किसी भी अज्ञात कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या MFA कोड कभी साझा न करें, चाहे कॉल कितना भी आधिकारिक क्यों न लगे।