विज़ाग के सात रिथु बाज़ारों में विशेष चावल बिक्री काउंटर खुले हैं, जहाँ स्टीम और कच्चा चावल बाजार दर से कम कीमत पर उपलब्ध है। यह पहल राज्य सरकार की खाद्य मूल्यों को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बिंदु

  • स्टीम और कच्चा चावल बाजार दर से कम कीमत पर उपलब्ध।
  • हर सफेद रेशन कार्ड परिवार को 5 किग्रा मुफ्त चावल, अतिरिक्त 10 किग्रा विशेष काउंटर से।
  • पहले चरण में विज़ाखापट्टणम के सात रिथु बाज़ारों में लागू।

विशेष काउंटर का उद्घाटन

विज़ाखापट्टणम के सीथमधारा रिथु बाजार में सोमवार को जिला कलेक्टर गोब्बिला विद्या धरी और MLA विष्णु कुमार राजू ने विशेष चावल बिक्री काउंटर का अनावरण किया। इस काउंटर पर स्टीम चावल और कच्चा चावल दोनों ही मौजूदा बाजार कीमत से कम दर पर बेचे जा रहे हैं।

योजना की मुख्य शर्तें

सिविल सप्लाईज विभाग के निर्देशानुसार, प्रत्येक सफेद रेशन कार्ड धारक परिवार को हर महीने 5 किग्रा मुफ्त चावल मिलता है। इसके अतिरिक्त, पात्र परिवार विशेष काउंटर से अतिरिक्त 10 किग्रा तक चावल कम कीमत पर खरीद सकते हैं। योजना का उद्देश्य खाद्य महंगाई के बोझ को कम करना है।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र प्रदेश में 2000 के दशक से चावल सब्सिडी नीति चलती आ रही है, लेकिन वितरण में जटिलताओं के कारण अक्सर लाभ अंतिम उपयोगकर्ता तक नहीं पहुँच पाता था। 2020 के बाद राज्य सरकार ने सीधे बाजार में कीमत घटाने के लिए ‘विशेष काउंटर’ मॉडल अपनाया, जिससे उपभोक्ता को सीधे लाभ मिल सके।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the price differential of up to 15% can translate into annual savings of ₹2,500 per household, potentially easing inflation pressures in the coastal districts.

"ऐसी सीधी बिक्री व्यवस्था से मध्यवर्ती मध्यस्थों को हटाकर उपभोक्ता को वास्तविक लाभ मिलता है," कृषि अर्थशास्त्री डॉ. अंजली सिंह ने कहा।
Did You Know?: विज़ाखापट्टणम में 2022 में चावल की औसत कीमत ₹40/kg थी, जबकि विशेष काउंटर पर यह ₹34/kg पर उपलब्ध है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस योजना का लाभ सभी रेशन कार्डधारकों को मिलेगा?
उत्तर: हाँ, सभी सफेद रेशन कार्डधारक परिवार इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं, बशर्ते वे निर्धारित मात्रा के भीतर रहें।

प्रश्न 2: क्या काउंटर केवल विज़ाखापट्टणम में ही हैं?
उत्तर: वर्तमान में यह पहल सात रिथु बाजारों में लागू है, लेकिन सरकार ने इसे अन्य जिलों में विस्तार करने की योजना जताई है।