NITI आयोग के सदस्य प्रोफेसर अभय करंदीकर ने NIT तिरुचि के दीक्षांत समारोह में छात्रों को सलाह दी कि वे समाज सेवा के लिए अपने मूल विषय ज्ञान को उभरती हुई तकनीकों के साथ जोड़ें। उन्होंने जोर दिया कि AI की सफलता विज्ञान और गणित की मजबूत नींव पर टिकी है।

मुख्य बातें

  • AI की सफलता के लिए विज्ञान, गणित और इंजीनियरिंग की मजबूत नींव अनिवार्य है।
  • छात्रों को अपने डोमेन ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ एकीकृत करना चाहिए।
  • भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार का केंद्र बन रहा है।
  • NIT तिरुचि ने वैश्विक QS रैंकिंग में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

तिरुचि: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी - तिरुचि (NIT-T) के 22वें दीक्षांत समारोह के दौरान, NITI आयोग के सदस्य प्रोफेसर अभय करंदीकर ने भविष्य के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को एक महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य उन लोगों का है जो अपने गहरे विषय ज्ञान (Domain Knowledge) को इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी की शक्ति के साथ जोड़ने में सक्षम होंगे।

प्रोफेसर करंदीकर ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की व्यापक पहुंच के बावजूद, मूल विषयों का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण बना हुआ है। उन्होंने कहा, "AI में हर बड़ी सफलता विज्ञान, गणित और इंजीनियरिंग की एक मजबूत नींव पर आधारित होती है। आप एक असाधारण समय में स्नातक हो रहे हैं, जहाँ तकनीक के परिवर्तन की गति और पैमाना हमारे जीने और काम करने के तरीके को फिर से परिभाषित कर रहा है।"

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य में केवल कोडिंग या तकनीकी कौशल पर्याप्त नहीं है। जब तक छात्र अपने मूल इंजीनियरिंग सिद्धांतों को AI और डेटा साइंस के साथ नहीं जोड़ते, तब तक वे वास्तविक नवाचार नहीं कर पाएंगे। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम इसी प्रकार के बहुआयामी कौशल की मांग कर रहा है।

"AI की सफलता मानव बुद्धि द्वारा संचालित विज्ञान, गणित और इंजीनियरिंग की मजबूत नींव पर टिकी है।"

समारोह के दौरान, 2,000 से अधिक छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं। इस वर्ष का प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल मेटालर्जिकल और मैटेरियल्स इंजीनियरिंग की B.N. रश्मि को प्रदान किया गया। इसके अलावा, संस्थान के अन्य 42 मेधावी छात्रों को भी गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

NIT-T की निदेशक जी. अघिला ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए संस्थान की वैश्विक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि NIT-T एकमात्र ऐसा NIT है जो वैश्विक QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में स्थान प्राप्त कर रहा है, जिसमें मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में शानदार प्रदर्शन किया है।

क्या आप जानते हैं?: NIT तिरुचि ने हाल ही में अनुसंधान और परामर्श परियोजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये का अनुदान प्राप्त किया है, जो इसकी शोध क्षमता को दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: प्रोफेसर करंदीकर ने छात्रों को क्या सलाह दी?
उत्तर: उन्होंने छात्रों को अपने विषय के गहन ज्ञान को उभरती हुई तकनीकों (जैसे AI) के साथ मिलाने की सलाह दी ताकि वे समाज में बदलाव ला सकें।

प्रश्न 2: NIT तिरुचि की वैश्विक रैंकिंग क्या है?
उत्तर: NIT-T मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 401-550 की बैंड रैंक के साथ वैश्विक QS रैंकिंग में शामिल है।