कर्नाटक में दीपिका छात्रवृत्ति के पहले दौर के लिए आवेदन की समय सीमा समाप्त होने में केवल नौ दिन बचे हैं, लेकिन अब तक केवल 11,000 छात्राओं ने ही आवेदन किया है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा प्रदान की जाने वाली इस योजना का लक्ष्य 37,000 छात्राओं को वित्तीय सहायता देना है।
- दीपिका छात्रवृत्ति के पहले दौर के लिए केवल 9 दिन शेष हैं।
- अब तक केवल 11,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि लक्ष्य 37,000 छात्राओं का है।
- पात्र छात्राएं ₹30,000 प्रति वर्ष की सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन (APF) के सहयोग से संचालित 'दीपिका छात्रवृत्ति' योजना के पहले दौर के लिए आवेदन की खिड़की बंद होने में अब केवल नौ दिन शेष बचे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, II PU के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छुक छात्राओं की संख्या उम्मीद से काफी कम रही है। अब तक केवल 11,000 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जो कि फाउंडेशन के व्यापक लक्ष्य से बहुत पीछे है।
विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया केवल 10 अगस्त को शुरू की गई थी, जिससे पात्र छात्राओं को आवेदन करने के लिए बहुत कम समय मिला। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य उन 37,000 छात्राओं को सहायता प्रदान करना है जिन्होंने कक्षा 10 और 12 की शिक्षा सरकारी स्कूलों और कॉलेजों से पूरी की है और जो इंजीनियरिंग या मेडिकल जैसे विभिन्न विषयों में डिग्री या डिप्लोमा करना चाहती हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जागरूकता की कमी इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ उठाने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। हालांकि सरकार और फाउंडेशन ने मिलकर छात्राओं तक पहुँचने के लिए सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपलों के साथ बैठकें की हैं, लेकिन आवेदन की सीमित समय सीमा और सूचना का अभाव इस अंतर को बढ़ा रहा है।
समाज की मानसिकता में बदलाव और छात्राओं को शिक्षित करना ही वास्तविक लैंगिक समानता की दिशा में पहला कदम है।
उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायराड्डी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में छात्राओं के लिए उपलब्ध छात्रवृत्तियों के बारे में जागरूकता की भारी कमी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लड़कियों को शिक्षित करना और शिक्षा प्रणाली में लैंगिक समानता लाना अनिवार्य है। विभाग ने लगभग 51,399 छात्राओं की सूची तैयार की है जिन्होंने कर्नाटक राज्य परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड से परीक्षा उत्तीर्ण की है, ताकि उन्हें इस योजना के बारे में सूचित किया जा सके।
Eligibility and Benefits Comparison
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| वार्षिक सहायता राशि | ₹30,000 (स्नातक पूरा होने तक) |
| लक्ष्य लाभार्थी | 37,000 छात्राएं |
| शैक्षिक पृष्ठभूमि | सरकारी स्कूल/कॉलेज से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण |
| कोर्स के प्रकार | डिग्री या डिप्लोमा (इंजीनियरिंग/मेडिकल सहित) |
छात्रवृत्ति के लिए पात्रता मानदंड सरल हैं: आवेदक छात्रा को पहली बार डिग्री या डिप्लोमा करना चाहिए और वह 'रिपीटर' नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, यदि कोई छात्रा किसी शैक्षणिक वर्ष में अनुत्तीर्ण हो जाती है, तो उसे अगले वर्ष छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। छात्राओं को प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
उत्तर: कक्षा 10 और 12 की अंकतालिका, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार का फोटो और कॉलेज की फीस रसीद या बोनाफाइड प्रमाणपत्र आवश्यक हैं।
प्रश्न 2: क्या दूसरे दौर के लिए आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, छात्रवृत्ति का दूसरा दौर 10 जनवरी से 31 जनवरी 2027 तक खुलेगा।