NEET‑UG 2026 के एक उम्मीदवार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पोर्टल पर अपने स्कोर के तीन बार बदलने का आरोप लगाया और मूल OMR शीट की प्रतिलिपि की मांग करने हाई कोर्ट में याचिका दर्ज की।

मुख्य बिंदु

  • स्कोर 650 से 135 तक 24 घंटे में घटा
  • उम्मीदवार ने OMR शीट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया
  • हाई कोर्ट से मूल शीट और डिजिटल रिकॉर्ड की मांग

पृष्ठभूमि

NEET‑UG 2026 परीक्षा 21 जून को आयोजित हुई, जिसमें लगभग 15 लाख उम्मीदवार भाग ले रहे थे। पिछले वर्षों में NTA ने परिणामों को ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित करने की प्रथा अपनाई है, जिससे पारदर्शिता का दावा किया गया है।

हालाँकि, परिणामों के बाद कई बार तकनीकी त्रुटियों और डेटा विसंगतियों की शिकायतें उठी हैं, जो अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।

विवाद का विवरण

उम्मीदवार ने बताया कि प्रारम्भिक पोर्टल में 650 अंक दिखे, फिर लॉग‑आउट के बाद 500 अंक, और अगले दिन 135 अंक दिखे। NTA ने इन बदलावों की कोई स्पष्ट व्याख्या नहीं दी।

उम्मीदवार ने कई ई‑मेल और RTI आवेदन के माध्यम से मूल OMR शीट की मांग की, परंतु NTA ने उसे कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखायी गई एक डिजिटल शीट पेश की, जिसे छात्र ने असली नहीं माना।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such discrepancies undermine confidence in India's premier medical entrance exam, potentially affecting thousands of aspirants and the credibility of the testing agency.

"जब परिणामों में बार‑बार बदलाव होते हैं, तो यह न केवल व्यक्तिगत छात्र के लिए बल्कि समग्र शिक्षा प्रणाली के लिए गंभीर चेतावनी है," कहा शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. अंशु मेहरा ने।
क्या आप जानते हैं?: 2022 में भी NTA के परिणाम पोर्टल पर समान डेटा त्रुटि की रिपोर्टें आई थीं, लेकिन उस बार कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या हाई कोर्ट की याचिका से मूल OMR शीट मिल सकती है?

उत्तर: कोर्ट आदेश मिलने पर NTA को शीट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे सत्यापन संभव होगा।

प्रश्न 2: यदि शीट में त्रुटि सिद्ध होती है तो क्या पुनः मूल्यांकन होगा?

उत्तर: याचिकाकर्ता ने पुनः मूल्यांकन नहीं माँगा, केवल मूल दस्तावेज़ की जांच की मांग की है।