IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोजगार छीनने के बजाय नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने तकनीकी बदलावों के साथ तालमेल बिठाने और ग्रामीण छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

मुख्य बातें

  • AI नौकरियों को खत्म करने के बजाय नए प्रकार के रोजगार सृजित करेगा।
  • तकनीकी बदलावों के लिए कौशल विकास (Upskilling) अनिवार्य है।
  • ग्रामीण छात्रों का उच्च शिक्षा में शामिल होना 'विकसित भारत 2047' के लिए महत्वपूर्ण है।
  • तमिलनाडु में उच्च शिक्षा का नामांकन अनुपात (GER) 50% है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

IIT मद्रास (IIT-M) के निदेशक वी. कामकोटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर चल रही आशंकाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि यह तकनीक नौकरियों को कम करने के बजाय नए अवसर पैदा करेगी। रविवार को सेलम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक के आगमन से काम करने का तरीका बदलता है, नौकरियां नहीं जातीं।

कामकोटी ने एक सटीक उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे बैंकों में पहले नकदी की गिनती हाथों से की जाती थी, लेकिन कैश काउंटिंग मशीनों के आने के बाद कैशियरों की नौकरियां नहीं गईं, बल्कि उन्होंने नई मशीन चलाना सीख लिया। उन्होंने कहा, "ठीक उसी तरह, आज कई क्षेत्रों में AI ट्रेनिंग दी जा रही है। IIT मद्रास 'सभी के लिए AI' (AI for all) का दृष्टिकोण अपना रहा है और कई संस्थान अपने कर्मचारियों को AI का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।"

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से मानव-मशीन सहयोग पर टिकी होगी। तकनीकी अनुकूलनशीलता ही वह एकमात्र कारक है जो पेशेवरों को प्रासंगिक बनाए रखेगी। एआई को एक खतरे के रूप में देखने के बजाय, इसे एक उत्पादकता बढ़ाने वाले उपकरण के रूप में देखना आवश्यक है।

एआई मानव बुद्धि का विकल्प नहीं, बल्कि उसका विस्तार है जो नए आर्थिक आयाम खोलेगा।

इस अवसर पर उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का भी उल्लेख किया, जिसमें ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना शामिल है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (GER) 50% है, जबकि देश का औसत 30% है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत, भारत को 2035 तक इस अनुपात को 50% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या आप जानते हैं?: IIT मद्रास के पास 60,000 से अधिक पूर्व छात्रों (Alumni) का एक विशाल नेटवर्क है, जो संस्थान को आर्थिक और मेंटरशिप सहायता प्रदान करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या AI भविष्य में बेरोजगारी बढ़ाएगा?
निदेशक के अनुसार, AI पुराने कार्यों को स्वचालित करेगा लेकिन नए कौशल आधारित रोजगार के द्वार भी खोलेगा।

2. भारत के लिए उच्च शिक्षा का लक्ष्य क्या है?
नई शिक्षा नीति के अनुसार, भारत का लक्ष्य 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50% तक पहुंचाना है।