हैदराबाद के NALSAR विश्वविद्यालय के 2026 बैच के छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को अपनी डिग्री समारोह में मुख्य अतिथि बनाने के खिलाफ विरोध किया है। उनका कारण न्यायालय के दिल्ली में NEET विरोध के दौरान किए गए बयानों को कानून की मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध मानना है। विश्वविद्यालय ने अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मुख्य बिंदु
- स्नातक 2026 ने CJI सूर्यकांत को समारोह के मुख्य अतिथि से बाहर किया।
- विरोध का कारण दिल्ली में NEET विरोध के दौरान उनके बयान।
- विश्वविद्यालय ने अभी तक प्रतिनिधित्व पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पृष्ठभूमि
NALSAR विश्वविद्यालय में कई वर्षों से मुख्य न्यायाधीश को डिग्री समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। यह परंपरा विश्वविद्यालय की न्यायिक शिक्षा और संविधान के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
विद्यार्थियों का विरोध
जुलाई 20 को कैंपस में NEET विरोध के समर्थन में छात्रों ने एक भोजन का उपवास किया। दो दिन बाद, जब CJI सूर्यकांत की बेंच ने पुलिस अत्याचार के खिलाफ स्वयंस्फूर्त (suo motu) कार्यवाही नहीं शुरू की, तो उनके “हम वीडियो नहीं देखते” जैसे बयान वायरल हो गए। इन बयानों को छात्रों ने “कानून के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध” कहा।
जुलाई 23 को स्नातक 2026 ने विश्वविद्यालय के उप-कुलपति, रजिस्ट्रार, प्रोफेसरों और प्रशासन को एक पत्र लिखा, जिसमें 70 छात्रों सहित छात्र बार काउंसिल के सदस्य ने लिखा कि वे ऐसे दिग्गज से डिग्री प्राप्त नहीं करना चाहते जिनके recent statements पुलिस अत्याचार को हल्के में लेते दिखते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the protest reflects a growing trend where law students demand that institutions uphold constitutional values not only in curricula but also in ceremonial choices. Ignoring such dissent could erode the university’s credibility among future legal professionals.
"जब भविष्य के वकीर संस्थागत सम्मान को प्रश्न में लाते हैं, तो यह न्याय प्रणाली की आत्मा को भी चुनौती देता है," कहा प्रोफेसर रवींद्र कश्यप, कानूनी विद्वान।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या विश्वविद्यालय ने CJI को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की योजना को रद्द किया है?
A1: अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है; छात्र अगले हफ्ते में विश्वविद्यालय को लिखित नोटिस देने की योजना बना रहे हैं।
Q2: यदि उनके अनुरोध को नहीं माना गया तो छात्रों की अगली कार्रवाई क्या होगी?
A2: छात्र एक हफ्ते की नोटिस के बाद विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की संभावना बना रहे हैं।