मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने 300 बी.एड. कॉलेजों को मल्टीडिस्सिप्लिनरी डिग्री कॉलेजों में बदलने और छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी है।

मुख्य बातें

  • 300 स्टैंड-अलोन बी.एड. कॉलेजों को अब मल्टीडिस्सिप्लिनरी डिग्री कॉलेजों में बदला जाएगा।
  • छात्र क्रेडिट कार्ड योजना और कुशल युवा कार्यक्रम को 2030-31 तक के लिए बढ़ाया गया।
  • सौर ऊर्जा के लिए ₹1,000 करोड़ का बजट और बायो गैस प्लांट की स्थापना को मंजूरी।
  • आईटीआई (ITI) में निजी संस्थानों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव।

पटना में आयोजित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शिक्षा और विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने राज्य के 300 निजी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों (बी.एड. कॉलेजों) को मल्टीडिस्सिप्लिनरी डिग्री कॉलेजों के रूप में विकसित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब ये कॉलेज केवल शिक्षक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स जैसे विषयों में स्नातक कार्यक्रम भी संचालित करेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन

कैबिनेट सचिव विभाग के सचिव मोहम्मद सोहैल के अनुसार, यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCTE के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। इससे छात्रों को अपने ही जिले में उच्च शिक्षा के विविध विकल्प मिलेंगे, जिससे राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) में वृद्धि होने की उम्मीद है।

यह कदम बिहार के छात्रों को स्थानीय स्तर पर ही वैश्विक मानकों की शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

योजनाओं का विस्तार और कौशल विकास

छात्रों के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 2026-27 से 2030-31 तक पांच और वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में ₹950 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, 'कुशल युवा कार्यक्रम' के तहत युवाओं को AI, ड्रोन और डिजिटल मार्केटिंग जैसे भविष्य के कौशल सिखाने के लिए ₹430.08 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह निर्णय बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को आधुनिक रोजगार के लिए तैयार करने की एक रणनीतिक पहल है। मल्टीडिस्सिप्लिनरी मॉडल से न केवल कॉलेजों की उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच भी सुलभ होगी।

विकास और ऊर्जा के नए आयाम

कैबिनेट ने 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत आवासीय उपभोक्ताओं को सौर पैनल लगाने के लिए ₹10,000 से ₹20,000 तक की वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ में कचरे से ऊर्जा बनाने के लिए कंप्रेस्ड बायोगास (CBG) प्लांट लगाए जाएंगे।

क्या आप जानते हैं?: बिहार सरकार की छात्र क्रेडिट कार्ड योजना अब तक 4.15 लाख से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर चुकी है।

Frequently Asked Questions

1. बी.एड. कॉलेजों में अब कौन से नए विषय पढ़ाए जाएंगे?
अब इन कॉलेजों में बी.एड. के साथ-साथ आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स में स्नातक (UG) प्रोग्राम भी उपलब्ध होंगे।

2. कुशल युवा कार्यक्रम का लाभ कितने लोगों को मिलेगा?
इस कार्यक्रम के माध्यम से सालाना लगभग 2,57,440 युवाओं को भविष्य के तकनीकी कौशलों में प्रशिक्षित किया जाएगा।