पेरियार यूनिवर्सिटी एम्प्लॉइज यूनियन (PUEU) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने भविष्य निधि (PF) में देरी और वेतन वृद्धि सहित अपनी पांच प्रमुख मांगों को पूरा करने के लिए प्रदर्शन किया।

मुख्य बिंदु

  • पेरियार यूनिवर्सिटी एम्प्लॉइज यूनियन (PUEU) ने पांच मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
  • 1997 से 2013 के बीच पीएफ (PF) राशि जमा न करने का गंभीर मुद्दा उठा।
  • वेतन वृद्धि और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर भी प्रदर्शन किया गया।
  • तमिल विभाग के प्रोफेसर के निलंबन और जांच में देरी पर सवाल उठाए गए।

सेलम स्थित पेरियार विश्वविद्यालय के बाहर गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को भारी हंगामा देखने को मिला। पेरियार यूनिवर्सिटी एम्प्लॉइज यूनियन (PUEU) के सदस्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी पांच प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

यूनियन के महासचिव सी. शक्तिवेल के नेतृत्व में कर्मचारी एकत्रित हुए और उच्च शिक्षा विभाग से अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि विश्वविद्यालय ने 1997 से 2013 के बीच कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) खातों में राशि जमा नहीं की, जिसके कारण अब ईपीएफओ (EPF) द्वारा जुर्माने के साथ राशि वसूली जा रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल वित्तीय विवाद नहीं है, बल्कि प्रशासनिक विफलता का एक बड़ा उदाहरण है। पीएफ संबंधी विवाद के कारण पिछले 13 वर्षों में 10 से अधिक कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है और उनके परिवार अब तक इस राशि से वंचित हैं। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।

"विश्वविद्यालय प्रशासन को यूनियन के साथ बैठकर एक सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।" - सी. शक्तिवेल

इसके अलावा, यूनियन ने वेतन वृद्धि और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं पर भी चिंता जताई। शक्तिवेल ने मांग की कि संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन में उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वृद्धि की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि constituent कॉलेजों के कर्मचारियों को विश्वविद्यालय में तैनात करने के बजाय वापस उनके मूल कॉलेजों में भेजा जाना चाहिए।

प्रशासनिक विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप

प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय में चल रहे अन्य विवादों का भी उल्लेख किया गया। तमिल विभाग के प्रोफेसर पेरियासामी को फर्जी प्रमाणपत्रों और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण निलंबित किया गया था। यूनियन का कहना है कि इन मामलों की जांच महीनों से रुकी हुई है और प्रशासन को बिना किसी देरी के जांच पूरी करनी चाहिए।

क्या आप जानते हैं?: पेरियार विश्वविद्यालय तमिलनाडु के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जो अपनी शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: PUEU मुख्य रूप से किस मुद्दे पर विरोध कर रहा है?
उत्तर: मुख्य मुद्दा 1997-2013 के बीच पीएफ जमा न करना और वेतन वृद्धि की मांग है।

प्रश्न 2: प्रोफेसर पेरियासामी का मामला क्या है?
उत्तर: उन्हें फर्जी प्रमाणपत्र और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण निलंबित किया गया है, जिसकी जांच लंबित है।