मैसूरु जिला समिति AIDSO ने UGC-NET परीक्षा के प्रश्नपत्रों में गंभीर गलतियों पर चिंता जताई है और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की है।

  • NTA ने अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों के लिए पुन: परीक्षा की घोषणा की है।
  • AIDSO ने प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक गलतियों, गलत अनुवाद और टाइपिंग त्रुटियों का आरोप लगाया है।
  • छात्र संगठन ने NTA को भंग करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

मैसूरु में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) की जिला समिति ने यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षाओं में सामने आई गंभीर त्रुटियों पर कड़ा विरोध जताया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों की शिकायतों के बाद अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र जैसे प्रमुख विषयों के लिए पुन: परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।

सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में, AIDSO ने आरोप लगाया कि पुन: परीक्षा का आदेश मूल परीक्षा के लगभग सात सप्ताह बाद दिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के प्रबंधन में "गंभीर खामियों" को दर्शाता है। संगठन का दावा है कि जून 2024 की UGC-NET परीक्षा के दौरान भी इसी तरह की समस्याएं देखी गई थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या प्रणालीगत है।

छात्र संगठन के अनुसार, प्रश्नपत्रों में न केवल तथ्यात्मक गलतियां थीं, बल्कि गलत अनुवाद, टाइपोग्राफिकल मिस्टेक्स, गलत पुस्तक शीर्षक और प्रश्नों की पुनरावृत्ति जैसे मुद्दे भी पाए गए। ये त्रुटियां प्रश्नपत्र तैयार करने और गुणवत्ता जांच (Quality Checking) की प्रक्रिया में भारी लापरवाही की ओर इशारा करती हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि NTA जैसी संस्थाओं द्वारा बार-बार की जाने वाली ये गलतियां केवल प्रशासनिक विफलता नहीं हैं, बल्कि यह लाखों शोधार्थियों और उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जब राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा में ऐसी त्रुटियां होती हैं, तो यह पूरी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।

"राष्ट्रीय परीक्षाओं में त्रुटियां केवल तकनीकी खामियां नहीं हैं, बल्कि यह छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर के साथ किया गया अन्याय है।"

AIDSO ने स्पष्ट किया कि केवल पुन: परीक्षा आयोजित करना पर्याप्त नहीं है। हजारों छात्रों और शोधार्थियों को हुए मानसिक तनाव, वित्तीय नुकसान और समय की बर्बादी की भरपाई नहीं की जा सकती। संगठन ने मांग की है कि NTA को तुरंत भंग किया जाए और प्रश्नपत्र तैयार करने वाली टीम की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

जिला सचिव नितिन ने कहा कि वह सभी प्रभावित उम्मीदवारों के साथ खड़े हैं और छात्र समुदाय से शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही और गुणवत्ता के लिए लड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि अगली परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सावधानी के साथ आयोजित की जाए ताकि छात्रों को और अधिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

क्या आप जानते हैं?: UGC-NET परीक्षा का उपयोग भारत के विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर की पात्रता और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के निर्धारण के लिए किया जाता है।

Frequently Asked Questions

1. किन विषयों के लिए पुन: परीक्षा की घोषणा की गई है?
NTA ने अंग्रेजी, वाणिज्य (Commerce) और समाजशास्त्र (Sociology) विषयों के लिए पुन: परीक्षा की घोषणा की है।

2. AIDSO की मुख्य मांगें क्या हैं?
AIDSO ने NTA को भंग करने, स्वतंत्र जांच कराने और दोषी अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है।