तमिलनाडु का उच्च शिक्षा विभाग राज्य के 129 ग्रेड II सरकारी कला और विज्ञान कॉलेजों में प्रिंसिपलों की रिक्त पदों को भरने की तैयारी कर रहा है, जिससे लंबे समय से चल रहा अस्थायी प्रशासन समाप्त होगा।

  • 129 ग्रेड II सरकारी कला और विज्ञान कॉलेजों में नियुक्तियां जल्द होने वाली हैं।
  • मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा 2023 की वरिष्ठता सूची पर रोक के कारण यह प्रक्रिया रुकी हुई थी।
  • पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसोसिएट प्रोफेसरों को पांच विकल्प चुनने का मौका दिया गया है।

तमिलनाडु का उच्च शिक्षा विभाग ग्रेड II सरकारी कला और विज्ञान कॉलेजों में प्रिंसिपलों की नियुक्ति को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रहा है। पिछले काफी समय से ये 129 संस्थान 'इन-चार्ज' प्रिंसिपलों के नेतृत्व में काम कर रहे थे, जिनके पास पूर्ण अतिरिक्त प्रभार था। इससे प्रशासनिक कार्यों में देरी और दीर्घकालिक योजना के अभाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं।

स्थायी नियुक्तियों में देरी का मुख्य कारण कानूनी विवाद था। मद्रास उच्च न्यायालय ने 2023 में तैयार की गई वरिष्ठता सूची पर रोक लगा दी थी, जिससे पदोन्नति और पोस्टिंग की प्रक्रिया बाधित हो गई थी। हालांकि, 2026-27 के लिए पैनल तैयार होने के बाद, सरकार अब इन संस्थानों के शैक्षणिक नेतृत्व को स्थिर करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि 'इन-चार्ज' से स्थायी प्रिंसिपलों की ओर संक्रमण संस्थान की मान्यता और संकाय के मनोबल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब किसी कॉलेज का नेतृत्व अस्थायी प्रमुख द्वारा किया जाता है, तो बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं और शैक्षणिक सुधार अक्सर पीछे छूट जाते हैं। पारदर्शी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से, सरकार पोस्टिंग से जुड़ी शिकायतों और मुकदमों को कम करने का प्रयास कर रही है।

"उच्च शिक्षा में पारदर्शी और विकल्प-आधारित पोस्टिंग प्रणाली की ओर बदलाव प्रशासनिक शासन के प्रति एक आधुनिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिससे मनमाने तबादलों की गुंजाइश कम होती है।"

वर्तमान में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत वरिष्ठ संकाय सदस्य इन पदोन्नतियों के मुख्य दावेदार हैं। इनमें से कई शिक्षक गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज, कोयंबटूर और चिक्कन्ना गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज, तिरुपुर जैसे प्रतिष्ठित ग्रेड I संस्थानों में कार्यरत हैं और अब अपनी नई नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं।

क्षेत्रीय स्तर पर मांग काफी अधिक है, और कई उम्मीदवारों ने पुलीकुलम, थोंडमथुर, मेट्टुपालयम, पोलाची, वालपराई, पल्लादम, अविनाशी, कंगायम और धारापुरम जैसे क्षेत्रों में पोस्टिंग के लिए विकल्प चुना है। यह कोयंबटूर और आसपास के जिलों में स्थापित शैक्षणिक केंद्रों के प्रति मजबूत झुकाव को दर्शाता है।

क्या आप जानते हैं?: तमिलनाडु में ग्रेड II कॉलेज ग्रामीण छात्रों के लिए महत्वपूर्ण शैक्षिक माध्यम के रूप में कार्य करते हैं, जो उन्हें कला और विज्ञान की विशिष्ट धाराओं में सस्ती शिक्षा प्रदान करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: नियुक्तियों में अब तक की देरी क्यों हुई?
नियुक्तियां 2023 में तैयार की गई वरिष्ठता सूची के संबंध में मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए कानूनी स्टे के कारण रुकी हुई थीं।

प्रश्न 2: चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी कैसे बनाया जा रहा है?
उच्च शिक्षा विभाग ने पात्र एसोसिएट प्रोफेसरों को उनकी पसंदीदा पोस्टिंग लोकेशन के लिए पांच अलग-अलग विकल्प देने की अनुमति दी है।