दिल्ली सरकार ने कक्षा 9 के परीक्षा और प्रमोशन सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। अब छात्रों के लिए व्यावसायिक शिक्षा और तीसरी भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा, साथ ही विज्ञान और गणित में एडवांस लेवल के विकल्प भी दिए गए हैं।
- कक्षा 9 में व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास) और तीसरी भाषा अब अनिवार्य विषय हैं।
- गणित और विज्ञान में उच्च योग्यता वाले छात्रों के लिए 'एडवांस लेवल' मूल्यांकन की शुरुआत।
- प्रमोशन के लिए मुख्य विषयों में आंतरिक और बाहरी मूल्यांकन में अलग-अलग 33% अंक आवश्यक।
- 2027-28 सत्र से कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अनिवार्य होगा।
नई दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, कक्षा 9 के पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली में व्यापक बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें भविष्य के रोजगार और कौशल के लिए तैयार करना है।
संशोधित योजना के तहत, अब कक्षा 9 के छात्रों के लिए छह मुख्य विषय होंगे: भाषा-1, भाषा-2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास)। व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य बनाने का निर्णय छात्रों को शुरुआती स्तर से ही कौशल-आधारित शिक्षा और रोजगार क्षमता विकसित करने के अवसर प्रदान करने के लिए लिया गया है।
इसके साथ ही, तीसरी भाषा (R3) को भी अनिवार्य कर दिया गया है। छात्र उसी तीन-भाषा संयोजन को जारी रखेंगे जो उन्होंने कक्षा 8 में पढ़ा था। हालांकि, तीसरी भाषा एक 'क्वालीफाइंग' विषय होगा, जिसका मूल्यांकन पूरी तरह से स्कूल स्तर पर किया जाएगा। यदि कोई छात्र कक्षा 9 में इसमें उत्तीर्ण नहीं होता है, तो उसे कक्षा 10 में प्रमोट तो कर दिया जाएगा, लेकिन कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने से पहले उसे कक्षा 9 की तीसरी भाषा की परीक्षा पास करनी होगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल पाठ्यक्रम का बदलाव नहीं है, बल्कि शिक्षा के प्रति नजरिए में बदलाव है। व्यावसायिक शिक्षा को मुख्य विषयों में शामिल करना यह दर्शाता है कि सरकार अब 'डिग्री' से ज्यादा 'स्किल' को महत्व दे रही है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप है, जो छात्रों को बहुविषयक (multidisciplinary) शिक्षा की ओर ले जाता है।
"व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण छात्रों के बीच अकादमिक दबाव को कम करेगा और उन्हें वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।"
गणित और विज्ञान के प्रति उत्साही छात्रों के लिए सरकार ने 'एडवांस लेवल' मूल्यांकन पेश किया है। सभी छात्र सामान्य पाठ्यक्रम की परीक्षा देंगे, लेकिन जो छात्र उच्च स्तर की पढ़ाई करना चाहते हैं, वे 25 अंकों की एक घंटे की अतिरिक्त परीक्षा दे सकते हैं। इस परीक्षा में उच्च-क्रम सोच कौशल (higher-order thinking skills) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
प्रमोशन के कड़े नियमों की बात करें तो, छात्रों को छह मुख्य विषयों में आंतरिक/प्रैक्टिकल और बाहरी मूल्यांकन में अलग-अलग कम से कम 33% अंक प्राप्त करने होंगे। इसके अलावा, वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 25% अंक लाना अनिवार्य है। जो छात्र तीन विषयों तक फेल होंगे, उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका दिया जाएगा, जबकि बाकी छात्रों को कक्षा 9 दोबारा पढ़नी होगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या तीसरी भाषा में फेल होने पर छात्र कक्षा 10 में नहीं जा पाएगा?
उत्तर: छात्र कक्षा 10 में प्रमोट हो सकता है, लेकिन उसे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा देने से पहले कक्षा 9 की तीसरी भाषा की परीक्षा पास करनी होगी।
उत्तर: नहीं, एडवांस लेवल परीक्षाओं के अंक प्रमोशन या कुल प्रतिशत में नहीं गिने जाएंगे; इन्हें केवल उपलब्धि के रूप में मार्कशीट पर दर्शाया जाएगा।