बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने राज्य के 155 मॉडल स्कूलों में मुफ्त JEE और NEET कोचिंग कार्यक्रम का विस्तार किया है। साथ ही, 'विद्या साथी' ऐप के माध्यम से 700 स्कूलों के छात्रों को शिक्षकों से सीधे जुड़ने की सुविधा मिलेगी।

  • 155 मॉडल स्कूलों में अब मुफ्त JEE और NEET कोचिंग उपलब्ध होगी।
  • 'विद्या साथी' ऐप के जरिए 700 स्कूलों के छात्र शिक्षकों से सवाल पूछ सकेंगे।
  • स्मार्ट टीवी और स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से विशेषज्ञों के वीडियो लेसन दिखाए जाएंगे।
  • BSEB मुख्यालय में लाइव क्लास के लिए एक आधुनिक स्टूडियो स्थापित किया जाएगा।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए अपने मुफ्त JEE और NEET कोचिंग कार्यक्रम का विस्तार किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों पर, अब इस सुविधा को राज्य के 155 चयनित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों तक बढ़ा दिया गया है। यह पहल कक्षा 11 और 12 के उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जो महंगी कोचिंग फीस के कारण प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने में असमर्थ थे।

डिजिटल लर्निंग का नया युग

इस कार्यक्रम के तहत, छात्रों को विषयवार वीडियो लेसन दिए जाएंगे जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा JEE और NEET के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किया गया है। इन पाठों को स्कूलों में स्थापित स्मार्ट टीवी और स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। भविष्य की योजनाओं में BSEB ने अपने मुख्यालय में एक आधुनिक स्टूडियो बनाने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले समय में 145 स्कूलों में लाइव क्लासेज का संचालन किया जा सके।

'विद्या साथी' ऐप: शिक्षकों से सीधा संवाद

कोचिंग के साथ-साथ, BSEB ने 700 मॉडल स्कूलों के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को 'विद्या साथी' इंटरैक्टिव लर्निंग ऐप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह ऐप छात्रों को उनके संदेहों (doubts) को दूर करने के लिए शिक्षकों से मुफ्त में संपर्क करने की अनुमति देगा। ऐप की एक अनूठी विशेषता यह है कि जब छात्र प्रश्न पूछेगा, तो शिक्षक वीडियो के माध्यम से दिखाई देगा, लेकिन छात्र की गोपनीयता बनाए रखते हुए शिक्षक छात्र को नहीं देख पाएगा।

डिजिटल बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का यह संगम बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा।

BozokMedia विश्लेषण

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार सरकार का यह कदम केवल कोचिंग प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र (educational ecosystem) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है। 'विद्या साथी' जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी, क्योंकि शिक्षकों का पारिश्रमिक छात्रों द्वारा दी गई रेटिंग के आधार पर तय किया जाएगा।

कोचिंग संरचना का विवरण

कोचिंग का प्रकारस्कूलों की संख्या / स्थानविशेषता
आवासीय कोचिंग2 स्कूल (पटना)पटना कॉलेजिएट और बैंकipore गर्ल्स स्कूल
गैर-आवासीय कोचिंग9 मंडल मुख्यालयपटना, गया, मुजफ्फरपुर आदि
विस्तारित कोचिंग155 मॉडल स्कूलस्मार्ट बोर्ड और वीडियो लेसन

BSEB के अध्यक्ष ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिया है कि वे 'विद्या साथी' ऐप पर छात्रों के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। इस ऐप में छात्रों को विभिन्न विषयों के लिए PDF-आधारित अध्ययन सामग्री भी प्रदान की जाएगी, जो नोट्स बनाने में सहायक होगी।

Did You Know?: बिहार में कोचिंग की सुविधा अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि मॉडल स्कूलों के माध्यम से गांवों तक पहुंच रही है।

Frequently Asked Questions

1. 'विद्या साथी' ऐप का मुख्य लाभ क्या है?
यह छात्रों को बिना किसी शुल्क के शिक्षकों से अपने विषय संबंधी संदेहों को वीडियो कॉल के माध्यम से पूछने की सुविधा देता है।

2. क्या यह कोचिंग पूरी तरह से मुफ्त है?
हाँ, बिहार बोर्ड द्वारा चयनित मॉडल स्कूलों में यह JEE और NEET की तैयारी पूरी तरह से निशुल्क है।