पुणे और मुंबई के चार छात्रों की टीम ने 'इंटरनेशनल मैथमेटिकल मॉडलिंग चैलेंज 2026' में विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित इस प्रतियोगिता में टीम को मेरिटोरियस अवार्ड से नवाजा गया।

  • पुणे-मुंबई के चार छात्रों ने IM²C 2026 में वैश्विक स्तर पर शीर्ष 11 टीमों में स्थान बनाया।
  • छात्रों ने नामीबिया के एतोशा नेशनल पार्क के लिए रिस्क मैनेजमेंट मॉडल विकसित किया।
  • टीम को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के कैंपस में सम्मानित किया गया।
  • भारतीय टीम ने स्विट्जरलैंड में आयोजित ETEAM 2026 में भी दूसरा स्थान प्राप्त किया।

भारत के उभरते गणितज्ञों ने वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया है। पुणे और मुंबई के छात्रों की एक चार सदस्यीय टीम ने इंटरनेशनल मैथमेटिकल मॉडलिंग चैलेंज (IM²C) 2026 में 'मेरिटोरियस अवार्ड' जीतकर इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया भर के 37 देशों की 68 टीमों के बीच भारतीय टीम ने शीर्ष 11 में अपनी जगह बनाई।

इस टीम में पुणे के भारती विद्यापीठ रबींद्रनाथ टैगोर स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के तनीश राजेश कुलकर्णी, मुंबई के ओबेरॉय इंटरनेशनल स्कूल के अंशवीर बिंद्रा, और धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के निपुण साहावेदांश साहा शामिल हैं। इन छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो स्थानों में से एक हासिल करने के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के लिए क्वालीफाई किया था।

हार्वर्ड और MIT में शैक्षणिक अनुभव

अगस्त 2026 में बोस्टन, मैसाचुसेट्स में आयोजित इस शिखर सम्मेलन के दौरान, छात्रों को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों का अनुभव करने का मौका मिला। पुरस्कार समारोह हार्वर्ड साइंस सेंटर में आयोजित किया गया था। छात्रों ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) का दौरा भी किया, जिससे उन्हें वैश्विक शैक्षणिक मानकों को समझने में मदद मिली।

इस यात्रा में छात्रों का मार्गदर्शन आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी के पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता डॉ. सागर श्रीवास्तव ने किया। यह टीम गणितीय विश्लेषण और डेटा प्रोसेसिंग के माध्यम से जटिल वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए जानी जाती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां भारतीय स्कूली शिक्षा में STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती हैं। यह न केवल छात्रों के व्यक्तिगत विकास को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक शोध और समस्या समाधान के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का भी प्रमाण है।

गणितीय मॉडलिंग में यह सफलता दर्शाती है कि भारतीय छात्र अब केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जटिल वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में सक्षम हैं।

इस वर्ष की चुनौती का विषय नामीबिया के एतोशा नेशनल पार्क में जोखिम प्रबंधन था। छात्रों को भौगोलिक और पर्यावरणीय डेटा प्रदान किया गया था ताकि वे पर्यटन-वन्यजीव संपर्क, अवैध शिकार और जंगल की आग जैसे खतरों का एक सटीक मॉडल तैयार कर सकें। टीम ने इस कार्य के लिए 3,000 से अधिक लाइनों का कोड लिखा और LaTeX का उपयोग करके एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की।

ऐतिहासिक संदर्भ

इंटरनेशनल मैथमेटिकल मॉडलिंग चैलेंज (IM²C) का आयोजन COMAP द्वारा किया जाता है। यह प्रतियोगिता दशकों से छात्रों को गणितीय उपकरणों का उपयोग करके वास्तविक दुनिया की अनिश्चितताओं को समझने और उनका समाधान करने के लिए प्रेरित करती आ रही है।

Did You Know?: छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट के लिए 3,000 से अधिक लाइनों का जटिल कोडिंग और डेटा सिमुलेशन किया था!

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: छात्रों ने किस विषय पर शोध किया था?
उत्तर: छात्रों ने नामीबिया के एतोशा नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण और जोखिम प्रबंधन के लिए एक डेटा-संचालित मॉडल विकसित किया था।

प्रश्न 2: टीम का मार्गदर्शन किसने किया?
उत्तर: टीम का मार्गदर्शन डॉ. सागर श्रीवास्तव ने किया, जो आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी में शोधकर्ता हैं।