तिरुपति में आयोजित एक विशेष ब्रिज कोर्स के माध्यम से मलेशिया, बांग्लादेश, ताइवान और बोत्सवाना के छात्रों ने भारत की समृद्ध विरासत, कला और परंपराओं का अनुभव किया।

  • पीएम-उषा (PM-USHA) योजना के तहत श्री पद्मावती महिला विश्वविद्यालय द्वारा कार्यक्रम आयोजित।
  • मलेशिया, बांग्लादेश, ताइवान और बोत्सवाना के छात्र शामिल हुए।
  • योग, कला, पाक कला और ऐतिहासिक स्थलों का व्यावहारिक अनुभव।

तिरुपति स्थित श्री पद्मावती महिला विश्वविद्यालय (SPMVV) ने एक सराहनीय पहल करते हुए विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के छात्रों और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया है। 'प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान' (PM-USHA) के तहत आयोजित इस 'इंडियन हेरिटेज एंड कल्चर' ब्रिज कोर्स ने वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की महत्ता को रेखांकित किया है।

इस कार्यक्रम में मलेशिया, बांग्लादेश, ताइवान और बोत्सवाना जैसे विभिन्न देशों से आए छात्रों ने हिस्सा लिया। इन छात्रों के लिए यह केवल एक शैक्षणिक पाठ्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा को समझने का एक जीवंत माध्यम था। विशेषज्ञों ने 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए, जिससे छात्रों को भारतीय विरासत की गहराई को समझने में मदद मिली।

सांस्कृतिक और व्यावहारिक अनुभव

पाठ्यक्रम को केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा गया। छात्रों को तिरुपति के आसपास के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। उन्होंने श्रीकलाहस्ती में प्रसिद्ध कलमकारी कला की बारीकियों को देखा और टीटीडी के शिल्पकलाशाला में मूर्तिकारों को ग्रेनाइट पत्थर को जीवंत रूप देते हुए देखा।

इसके अलावा, छात्रों ने इंडियन कुलीनरी इंस्टीट्यूट (ICI) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने भारतीय व्यंजनों की विविधता का स्वाद चखा। सामुदायिक जुड़ाव के हिस्से के रूप में, उन्होंने येरवारिपलेम गाँव का दौरा किया और स्थानीय महिलाओं के साथ संवाद किया, जिससे उन्हें ग्रामीण भारत की वास्तविक जीवनशैली का अनुभव हुआ।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम न केवल 'सॉफ्ट पावर' को बढ़ावा देते हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को भी मजबूत करते हैं। जब विदेशी छात्र भारत की परंपराओं को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करते हैं, तो वे वैश्विक मंच पर भारत के सांस्कृतिक राजदूत बन जाते हैं।

विदेशी छात्रों के लिए योग, पारंपरिक कला और स्थानीय जीवन का यह संगम भारत की सांस्कृतिक शक्ति का एक सशक्त प्रमाण है।
Did You Know?: कलमकारी एक प्राचीन भारतीय वस्त्र कला है जिसमें प्राकृतिक रंगों और हाथ से बने डिजाइनों का उपयोग किया जाता है।

Frequently Asked Questions

1. यह कार्यक्रम किस योजना के तहत आयोजित किया गया था?
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत आयोजित किया गया था।

2. किन देशों के छात्र इस कोर्स में शामिल हुए?
मलेशिया, बांग्लादेश, ताइवान और बोत्सवाना के छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।