दिल्ली विश्वविद्यालय के चार साल के स्नातक कार्यक्रम (FYUP) के पहले बैच ने एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के लिए भारी उत्साह दिखाया है। 12,111 छात्रों ने 5,857 सीटों के लिए आवेदन किया है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
- FYUP के पहले बैच के 12,111 छात्रों ने एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों के लिए आवेदन किया।
- कुल 5,857 सीटें उपलब्ध हैं, जो आवेदकों की संख्या का लगभग 48% हैं।
- योग्य छात्र अब बिना मास्टर डिग्री के सीधे PhD के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) कार्यक्रमों के लिए प्राप्त आवेदनों के आंकड़ों की घोषणा की है। विश्वविद्यालय के चार साल के स्नातक कार्यक्रम (FYUP) के पहले बैच के छात्रों ने इन पाठ्यक्रमों में अभूतपूर्व रुचि दिखाई है। आंकड़ों के अनुसार, 12,111 छात्रों ने 46 विभिन्न एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों के लिए आवेदन किया है, जबकि उपलब्ध सीटों की संख्या केवल 5,857 है।
यह प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति दर्शाती है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू किए गए नए ढांचे को छात्र गंभीरता से ले रहे हैं। उपलब्ध सीटें आवेदकों की कुल संख्या का मात्र 48.36% हैं, जिसका अर्थ है कि प्रवेश प्रक्रिया अत्यधिक प्रतिस्पर्धी होने वाली है। इन सीटों में से 2,807 सीटें रेगुलर मोड में हैं, जबकि 3,035 सीटें ओपन और डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह रुझान उच्च शिक्षा के बदलते स्वरूप को दर्शाता है। FYUP का उद्देश्य छात्रों को लचीलापन प्रदान करना है, और भारी संख्या में आवेदन यह साबित करते हैं कि छात्र अब पारंपरिक दो साल के मास्टर डिग्री के बजाय कम समय में विशेषज्ञता हासिल करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह बदलाव कौशल विकास और अनुसंधान पर केंद्रित शिक्षा की ओर एक बड़ा कदम है।
NEP 2020 के तहत DU का यह कदम उच्च शिक्षा में लचीलेपन और अनुसंधान-आधारित दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान करेगा।
PhD प्रवेश के लिए नए नियम
एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि DU ने अब उन छात्रों के लिए द्वार खोल दिए हैं जो FYUP के चौथे वर्ष को सफलतापूर्वक पूरा करते हैं। अब पात्र छात्र बिना मास्टर डिग्री प्राप्त किए सीधे PhD कार्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2026-27 सत्र के लिए, चौथे वर्ष के छात्रों को सीधे PhD के लिए पात्र होने हेतु न्यूनतम 7.5 CGPA प्राप्त करना होगा, जबकि SC/ST छात्रों के लिए यह सीमा 7 CGPA रखी गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और FYUP का महत्व
दिल्ली विश्वविद्यालय ने 2022-23 में यूजीसीएफ (UGCF) ढांचे के तहत अपना पहला FYUP बैच शुरू किया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान, उद्यमिता और व्यावहारिक शिक्षण को स्नातक स्तर पर मजबूत करना है। पाठ्यक्रम में इंटर्नशिप, कौशल विकास और सामुदायिक आउटरीच जैसे महत्वपूर्ण तत्व शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने 25 कॉलेजों में कौशल विकास केंद्र भी स्थापित किए हैं ताकि छात्रों को रोजगार के लिए तैयार किया जा सके।
| विवरण | रेगुलर मोड | ODL मोड |
|---|---|---|
| कुल सीटें | 2,807 | 3,035 |
| कुल उपलब्ध सीटें | 5,857 | |
Frequently Asked Questions
1. क्या FYUP के छात्र सीधे PhD कर सकते हैं?
हाँ, यदि छात्र चौथे वर्ष में न्यूनतम 7.5 CGPA (SC/ST के लिए 7) प्राप्त करते हैं, तो वे सीधे PhD के लिए आवेदन कर सकते हैं।
2. एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में कितनी सीटें हैं?
कुल 5,857 सीटें 46 कार्यक्रमों में उपलब्ध हैं।