राजनीति विज्ञान की वरिष्ठ प्रोफेसर सीला रेड्डी ने अनंतपुर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश (CUAP) के प्रभारी कुलपति का पद संभाल लिया है। उन्होंने एस.ए. कोरी का स्थान लिया है।
- प्रोफेसर सीला रेड्डी ने CUAP के प्रभारी कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला।
- उन्होंने एस.ए. कोरी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद प्राप्त किया।
- रेड्डी इससे पहले CUAP में डीन (अकादमिक) के रूप में कार्यरत थीं।
- उनके पास दिल्ली विश्वविद्यालय और IIPA जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का व्यापक अनुभव है।
अनंतपुर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश (CUAP) में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है। राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठतम प्रोफेसर, सीला रेड्डी ने 20 अगस्त को एस.ए. कोरी का कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति (In-charge Vice-Chancellor) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है।
प्रोफेसर रेड्डी का शैक्षणिक सफर अत्यंत प्रभावशाली रहा है। CUAP में इस नई भूमिका को संभालने से पहले, वह विश्वविद्यालय में डीन (अकादमिक) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनके पास उच्च शिक्षा प्रबंधन का गहरा अनुभव है, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज की प्राचार्य के रूप में उनका कार्यकाल शामिल है। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए, उन्हें 2023 में गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा 'सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पदक' से सम्मानित किया गया था।
शैक्षणिक करियर और योगदान
सीला रेड्डी ने अपने शिक्षण करियर की शुरुआत तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय से की थी। इसके बाद, उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) में डॉ. अंबेडकर चेयर इन सोशल जस्टिस के चेयर प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। IIPA में उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के डिजाइन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशेष रूप से, उन्होंने तीन बार 'एडवांस्ड प्रोफेशनल प्रोग्राम इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन' (APPPA) का समन्वय किया। यह 10 महीने का प्रमुख कार्यक्रम केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें अखिल भारतीय सेवाएँ, केंद्रीय सेवाएँ और रक्षा सेवाएँ शामिल हैं, के लिए तैयार किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सीला रेड्डी की नियुक्ति CUAP के लिए एक रणनीतिक कदम है। एक अनुभवी शिक्षाविद और प्रशासक के रूप में, उनकी उपस्थिति विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मानकों और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगी, विशेष रूप से तब जब विश्वविद्यालय अपने विकास के अगले चरण में है।
एक अनुभवी प्रशासक का नेतृत्व विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुसंधान की दिशा को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
अकादमिक जगत में रेड्डी का योगदान केवल शिक्षण तक सीमित नहीं है; उन्होंने छह पुस्तकें लिखी हैं और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके शोध पत्र व्यापक रूप से प्रकाशित हुए हैं। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय के शोध और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सीला रेड्डी ने किसका स्थान लिया है?
उत्तर: उन्होंने एस.ए. कोरी का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल 20 अगस्त को समाप्त हुआ।
प्रश्न 2: सीला रेड्डी का पिछला अनुभव क्या है?
उत्तर: वह दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज की प्राचार्य और IIPA में चेयर प्रोफेसर रह चुकी हैं।