तमिलनाडु इंजीनियरिंग प्रवेश (TNEA) 2026 के दूसरे दौर की काउंसलिंग के बाद भी 55% से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। कंप्यूटर साइंस की मांग बनी हुई है, लेकिन कोर इंजीनियरिंग में भी मामूली सुधार देखा गया है।
- TNEA 2026 के दूसरे दौर तक कुल उपलब्ध सीटों में से 45% से भी कम सीटें भरी गई हैं।
- पिछले साल की तुलना में सीट आवंटन में 4.5% की गिरावट दर्ज की गई है।
- ऑटोनॉमस कॉलेजों में 80% से अधिक सीटें भर चुकी हैं, जबकि नॉन-ऑटोनॉमस कॉलेजों में यह आंकड़ा 20% से कम है।
तमिलनाडु इंजीनियरिंग प्रवेश (TNEA) 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया के दूसरे दौर के समापन के बाद एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक उपलब्ध कुल सीटों में से 45% से भी कम सीटों को भरा जा सका है। लगभग 89,000 छात्रों को अब तक प्रोविजनल आवंटन दिया गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 4.5% कम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा, तो काउंसलिंग प्रक्रिया समाप्त होने तक हजारों इंजीनियरिंग सीटें खाली रह सकती हैं। करियर काउंसलर जयप्रकाश गांधी के अनुसार, छात्र अभी भी कंप्यूटर साइंस (CSE) और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (ECE) जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं, हालांकि इस वर्ष इलेक्ट्रिकल (EEE) और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मामूली उछाल देखा गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह स्थिति इंजीनियरिंग शिक्षा की गुणवत्ता और उद्योग की मांग के बीच बढ़ते अंतर को दर्शाती है। शहरी केंद्रों जैसे चेन्नई और कोयंबटूर के पास स्थित कॉलेजों की मांग अधिक है क्योंकि वहां इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
ग्रामीण छात्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे पाटने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए।
कॉलेजों के प्रकार के आधार पर सीटों के भरने में भारी असमानता देखी गई है। जहाँ ऑटोनॉमस कॉलेजों ने 80% से अधिक सीटें भर ली हैं, वहीं नॉन-ऑटोनॉमस कॉलेजों की स्थिति काफी कमजोर है, जहाँ 20% से भी कम सीटें भरी गई हैं। इसके अतिरिक्त, अन्ना विश्वविद्यालय के संबद्ध (Constituent) कॉलेजों में पिछले वर्ष की तुलना में 10% की गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण कम पास प्रतिशत और कमजोर प्लेसमेंट माना जा रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
TNEA तमिलनाडु में इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए मुख्य केंद्रीकृत प्रणाली है। पिछले कुछ वर्षों में, तकनीकी शिक्षा के प्रति रुझान में बदलाव आया है, जहाँ छात्र अब केवल डिग्री के बजाय उद्योग-तैयार कौशल और प्लेसमेंट रिकॉर्ड वाले संस्थानों को अधिक महत्व दे रहे हैं।
| कॉलेज का प्रकार | सीटें भरी गई (%) |
|---|---|
| ऑटोनॉमस कॉलेज | > 80% |
| नॉन-ऑटोनॉमस कॉलेज | < 20% |
| अन्ना विश्वविद्यालय संबद्ध कॉलेज | गिरावट दर्ज की गई |
Frequently Asked Questions
1. TNEA 2026 काउंसलिंग का अगला चरण क्या है?
तीसरे दौर के लिए चॉइस फिलिंग पोर्टल खुला है और यह 19 अगस्त को शाम 5 बजे बंद हो जाएगा।
2. छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय स्ट्रीम कौन सी है?
कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग (CSE) अभी भी छात्रों की पहली पसंद बनी हुई है।