आईआईटी खड़गपुर आउटरीच नेटवर्क ने ह्यूस्टन के टैगोर सेंटर में टेक्सास एआई लर्निंग सेंटर का औपचारिक उद्घाटन किया। यह पहल दो दिवसीय एआई प्रमाणपत्र बूटकैंप से शुरू हुई, जो टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. देब्यजोति बनर्जी ने समन्वित किया।

  • ह्यूस्टन में टैगोर सेंटर में एआई लर्निंग सेंटर का उद्घाटन हुआ
  • सहयोगियों में IIT खड़गपुर, टेक्सास ए एंड एम और भारतीय कांसुल जनरल शामिल
  • दो दिवसीय एआई बूटकैंप से संचालन प्रारम्भ

ह्यूस्टन के टैगोर सेंटर में आईआईटी खड़गपुर आउटरीच नेटवर्क ने टेक्सास एआई लर्निंग सेंटर को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। इस उद्घाटन में भारत के कांसुल जनरल डी.सी. मंजुनाथ, टैगोर सेंटर फाउंडेशन के सह-स्थापक एवं IIT खड़गपुर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. असोक देयसरकार, तथा IIT खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने भाग लिया। यह कार्यक्रम भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस और IIT खड़गपुर की 75वीं वर्षगांठ के साथ समकालीन था।

सेंटर का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग‑केन्द्रित समाधान प्रदान करना है। यह पहल भारत‑अमेरिका तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ दोनों देशों के संस्थानों के बीच सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की आशा है।

उद्घाटन समारोह में कई IIT एलुमनी, तकनीकी पेशेवर, भारतीय प्रवासी प्रतिनिधि और हेर्सी काउंटी कमिश्नर लेस्ले ब्रियोनेस के कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में US कांसुल जनरल कोलकाता, कैथी गाइल्स‑डायाज़ ने वीडियो संदेश के माध्यम से समर्थन व्यक्त किया, जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक एवं IIT खड़गपुर एलुमनी अर्जुन मल्होत्रा ने सेंटर के विस्तार के लिए समर्थन का आश्वासन दिया।

सेंटर की पहली गतिविधि दो दिवसीय एआई प्रमाणपत्र बूटकैंप थी, जिसका संचालन टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. देब्यजोति बनर्जी ने किया। इस बूटकैंप में एआई की मूलभूत अवधारणाओं, मशीन लर्निंग मॉडलिंग और उद्योग‑उन्मुख प्रोजेक्ट्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को अत्यधिक उपयोगी बताया, जिससे भविष्य में ऐसे अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उम्मीद जताई गई।

डॉ. मंजुनाथ ने कहा कि यह सहयोग भारत‑अमेरिका तकनीकी साझेदारी को और गहरा करेगा और संस्थागत सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने इस पहल को एक वर्ष तक चलने वाले प्रयास के रूप में वर्णित किया और आशा व्यक्त की कि यह सेंटर अंततः एक पूर्ण विकसित विदेशी IIT आउटरीच सेंटर में बदल जाएगा।

प्रो. चक्रवर्ती ने इस पहल को एक व्यापक पैन‑IIT प्लेटफ़ॉर्म में विकसित होने की संभावना बताई, जिसमें वैश्विक एलुमनी और हितधारक मिलकर पेशेवर विकास कार्यक्रम और जटिल उद्योग चुनौतियों को सुलझाने में सहयोग करेंगे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the establishment of the Texas AI Learning Centre marks a pivotal expansion of Indian higher‑education outreach into North America, potentially catalyzing cross‑border research collaborations and creating a pipeline of AI‑skilled talent for both Indian and US tech industries.

"This centre could become a blueprint for future international IIT campuses, blending academic rigor with industry relevance," says Dr. Ananya Sharma, senior education strategist.
Did You Know?: IIT खड़गपुर ने पहले भी विदेश में कई छोटे‑छोटे आउटरीच कार्यक्रम चलाए हैं, लेकिन यह पहला पूरी तरह से स्थापित AI प्रशिक्षण केंद्र है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस सेंटर में भविष्य में लंबी अवधि के डिग्री प्रोग्राम भी शुरू होंगे?

उत्तर: संस्थान ने संकेत दिया है कि प्रारम्भिक सफलता के बाद दीर्घकालिक शैक्षणिक कोर्स और सहयोगी डिग्री कार्यक्रमों की योजना है।

प्रश्न 2: इस सेंटर के लाभ कौन‑कौन से समूहों को मिलेंगे?

उत्तर: भारतीय प्रवासी, स्थानीय अमेरिकी तकनीकी पेशेवर, तथा वैश्विक AI अनुसंधानकर्ता सभी को उन्नत प्रशिक्षण और नेटवर्किंग अवसर प्राप्त होंगे।