श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय के सिंडिकेट ने परीक्षा टैबुलेशन रजिस्टरों पर हस्ताक्षर न होने के मामले में अपना पुराना निर्णय रद्द कर दिया है। विश्वविद्यालय ने अब इस गंभीर लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं।

  • सिंडिकेट ने 17 जुलाई के फैसले को रद्द कर दिया है।
  • 2018 से परीक्षा रजिस्टरों पर अधिकारियों के हस्ताक्षर गायब मिले हैं।
  • सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर करने के मामले में जांच शुरू।
  • परीक्षा परिणामों और मार्कशीट के बीच विसंगतियों की जांच की जाएगी।

केरल स्थित श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय (SSUS) के सिंडिकेट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने पिछले निर्णय को वापस ले लिया है। 17 जुलाई, 2026 को लिए गए उस फैसले को अब रद्द कर दिया गया है, जिसमें परीक्षा विभाग के अधिकारियों को पुराने परीक्षा टैबुलेशन रजिस्टरों पर हस्ताक्षर पूरा करने की अनुमति दी गई थी।

लापरवाही का गंभीर मामला

उपकुलपति सिजा थॉमस द्वारा 22 अगस्त, 2026 को बुलाई गई एक विशेष सिंडिकेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि 2018 से आयोजित परीक्षाओं के रजिस्टरों में संबंधित अधिकारियों ने अपने हस्ताक्षर ही दर्ज नहीं किए थे।

सबसे गंभीर मामला तब सामने आया जब यह पता चला कि 17 जुलाई के निर्णय के बाद, जिन अधिकारियों ने टैबुलेशन रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए, उनमें से कई लोग पहले ही सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके थे। यह विश्वविद्यालय के नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन है।

BozokMedia विश्लेषण: संस्थान की साख पर संकट

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की अखंडता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि टैबुलेशन रजिस्टर और छात्रों की अंतिम मार्कशीट के बीच डेटा में अंतर पाया जाता है, तो यह हजारों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल सकता है।

प्रशासनिक दस्तावेजों पर सेवानिवृत्त अधिकारियों के हस्ताक्षर होना संस्थागत अनुशासन के पतन का संकेत है।

सिंडिकेट ने अब परीक्षाओं की उप-समिति को इस पूरे मामले की गहन जांच सौंप दी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या टैबुलेशन रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों और छात्रों को दी गई अंतिम मार्कशीट के अंकों में कोई विसंगति है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

विश्वविद्यालयों में टैबुलेशन रजिस्टर एक अत्यंत महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज होता है। इसमें प्रत्येक विषय के अंक और ग्रेड का विस्तृत विवरण होता है। इन पर सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर यह सुनिश्चित करते हैं कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिहीन रही है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सिंडिकेट ने अपना निर्णय क्यों वापस लिया?
उत्तर: क्योंकि जांच में पाया गया कि सेवानिवृत्त अधिकारी भी रजिस्टरों पर हस्ताक्षर कर रहे थे, जो नियमों के विरुद्ध है।

प्रश्न 2: जांच का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या रजिस्टर के अंकों और छात्रों की मार्कशीट में कोई अंतर है।

Did You Know?: टैबुलेशन रजिस्टर को किसी भी विश्वविद्यालय में परीक्षा का 'मास्टर रिकॉर्ड' माना जाता है, जिसे कानूनी साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकता है।