आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) ने अमरावती के थुल्लूरु गांव में सैंक्टा मारिया इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना के लिए सेंट मैरी एजुकेशनल सोसाइटी को 7.97 एकड़ भूमि आवंटित की है। यह आवंटन फ्रीहोल्ड आधार पर किया गया है, जिसकी कुल लागत ₹3.99 करोड़ है, और इसका उद्देश्य क्षेत्र में शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

  • APCRDA ने अमरावती में सैंक्टा मारिया इंटरनेशनल स्कूल के लिए 7.97 एकड़ भूमि आवंटित की।
  • भूमि आवंटन थुल्लूरु गांव में फ्रीहोल्ड आधार पर ₹50 लाख प्रति एकड़ की दर से हुआ।
  • यह परियोजना अमरावती के शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और इसे एक विश्व स्तरीय राजधानी बनाने में सहायक होगी।

अमरावती, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) ने अमरावती के थुल्लूरु गांव में प्रतिष्ठित सैंक्टा मारिया इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। APCRDA ने सेंट मैरी एजुकेशनल सोसाइटी को 7.97 एकड़ भूमि आवंटित की है, जो 1981 में पंजीकृत एक संस्था है। यह आवंटन अमरावती को एक प्रमुख शैक्षिक गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

यह भूमि आवंटन अमरावती भूमि आवंटन नियम और विनियम, 2017 के तहत फ्रीहोल्ड आधार पर किया गया है। प्रत्येक एकड़ की कीमत ₹50 लाख निर्धारित की गई है, जिससे कुल भूमि लागत ₹3.99 करोड़ हो गई है। यह परियोजना APCRDA के 'सामाजिक विकास' उद्देश्य के अंतर्गत आती है, जो क्षेत्र के समग्र विकास के लिए शिक्षा और सामाजिक बुनियादी ढांचे के महत्व पर जोर देती है।

APCRDA के अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्कूल अमरावती के शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में उच्च गुणवत्ता वाले सामाजिक बुनियादी ढांचे को जोड़ेगा। यह छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सीखने के अवसर प्रदान करेगा, जिससे अमरावती की अपील एक शिक्षा गंतव्य के रूप में बढ़ेगी। यह पहल इसे एक विश्व स्तरीय राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लक्ष्य का समर्थन करती है।

APCRDA के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता जुबिन चीरन रॉय ने सेंट मैरी एजुकेशनल सोसाइटी के अधिकृत प्रतिनिधि कल्लाम राम मोहन रेड्डी को संबंधित दस्तावेज सौंपे। यह औपचारिक हस्तांतरण अमरावती के सामाजिक और शैक्षिक बुनियादी ढांचे में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अमरावती को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसका लक्ष्य एक आधुनिक, टिकाऊ और विश्व स्तरीय शहर बनाना था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में न केवल प्रशासनिक और वाणिज्यिक केंद्र शामिल थे, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और संस्कृति जैसे सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया था। पिछले कुछ वर्षों में, APCRDA ने इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को बढ़ावा दिया है, जिसमें शिक्षा संस्थानों की स्थापना एक महत्वपूर्ण स्तंभ रही है ताकि भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाया जा सके और शहर को ज्ञान अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाया जा सके।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि किसी भी उभरते हुए राजधानी शहर के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक संस्थानों में निवेश महत्वपूर्ण है। यह न केवल स्थानीय आबादी को लाभ पहुंचाता है बल्कि देश भर से प्रतिभाओं को आकर्षित करने में भी मदद करता है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि और नवाचार को बढ़ावा मिलता है। सैंक्टा मारिया इंटरनेशनल स्कूल का आगमन अमरावती को एक व्यापक और आकर्षक रहने योग्य शहर के रूप में स्थापित करने की APCRDA की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जो दीर्घकालिक टिकाऊ विकास के लिए आवश्यक है।

"अमरावती जैसे नए शहरी केंद्रों में अंतरराष्ट्रीय स्कूलों का विकास उच्च-स्तरीय मानव पूंजी को आकर्षित करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक निवेश है।"
क्या आप जानते हैं?: अमरावती नाम प्राचीन अमरावती स्तूप से लिया गया है, जो कभी एक महत्वपूर्ण बौद्ध केंद्र था और कला और संस्कृति का प्रतीक था।

Frequently Asked Questions

  1. सैंक्टा मारिया इंटरनेशनल स्कूल के लिए APCRDA द्वारा आवंटित भूमि का उद्देश्य क्या है?
    इसका उद्देश्य अमरावती में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सीखने के अवसर प्रदान करके शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और शहर को एक विश्व स्तरीय शिक्षा गंतव्य के रूप में विकसित करना है।
  2. भूमि आवंटन किस आधार पर किया गया है और इसकी कुल लागत कितनी है?
    भूमि आवंटन अमरावती भूमि आवंटन नियम और विनियम, 2017 के तहत फ्रीहोल्ड आधार पर किया गया है, जिसकी कुल लागत ₹3.99 करोड़ (प्रत्येक एकड़ ₹50 लाख) है।